ग्रेटर नोएडा: जनगणना ड्यूटी से दूरी पड़ सकती है भारी, 29 प्रागणकों पर एफआईआर की तैयारी

ग्रेटर नोएडा, 2 जून . देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रियाओं में शामिल जनगणना-2027 के कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ अब प्रशासन सख्त रुख अपनाने जा रहा है. जनगणना कार्य के लिए नियुक्त किए गए 29 प्रागणकों द्वारा ड्यूटी रिसीव न करने और शासकीय कार्य में सहयोग न देने के मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

इस संबंध में ग्रेटर नोएडा के चार्ज अधिकारी ने डीसीपी नोएडा को पत्र लिखकर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ First Information Report दर्ज कराने की संस्तुति की है.

जानकारी के मुताबिक, जनगणना-2027 का कार्य जनपद में तेजी से संचालित किया जा रहा है. इस कार्य के लिए लगभग 3000 कर्मचारियों को प्रागणक के रूप में नामित किया गया है. इन कर्मचारियों को घर-घर जाकर आंकड़ों का संकलन करने और निर्धारित क्षेत्रों में जनगणना संबंधी जिम्मेदारियां निभाने का दायित्व सौंपा गया है. हालांकि इनमें से 29 कर्मचारी ऐसे पाए गए हैं जिन्होंने निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद अपनी ड्यूटी ग्रहण नहीं की है.

प्रशासन की ओर से इन कर्मचारियों से मोबाइल फोन के माध्यम से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया. इसके साथ ही ड्यूटी आदेश और अन्य आवश्यक दस्तावेज व्हाट्सएप के जरिए भी भेजे गए, लेकिन संबंधित कर्मचारियों ने ड्यूटी संबंधी दस्तावेज प्राप्त करने से इनकार कर दिया.

अधिकारियों का कहना है कि यह न केवल Governmentी आदेशों की अवहेलना है बल्कि राष्ट्रीय महत्व के कार्य में असहयोग की श्रेणी में भी आता है. First Information Report के लिए जिन 29 प्रागणकों के नाम भेजे गए हैं, उनमें सीमा देवी, प्रदीप कुमार, प्रीति शर्मा, आर्य, वंदना सिंह, जी.के. बाबू, शशि, अमिता सिंह, प्रीति सिंह, मनीषा मथुरिया, प्रमोद सिंह, किशोरी, तोमर, वंदना, ममता, दुरदाना, नीतू, प्रदीप शर्मा, गुलाब सिंह, ललिता, दुर्गा शुक्ला, धन देवी, कमल सिंह चौधरी, राजेश कुमार और किशोरी सिंह सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं.

चार्ज अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने उन सभी प्रागणकों को चेतावनी दी है जिन्होंने अभी तक कार्य शुरू नहीं किया है कि वे तत्काल ड्यूटी रिसीव कर जनगणना का कार्य प्रारंभ करें. अन्यथा उनके खिलाफ भी नियमानुसार कठोर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

प्रशासन का मानना है कि जनगणना देश की विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण और नीतिगत निर्णयों का आधार होती है, इसलिए इस कार्य में सभी कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी और सहयोग अनिवार्य है.

पीकेटी/एएसएच

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