महाराष्ट्र मानसून सत्र सोमवार से, ‘ऑपरेशन टाइगर’ से सियासी पारा चढ़ा

Mumbai , 21 जून . Maharashtra विधानसभा का तीन सप्ताह का मानसून सत्र Monday से शुरू होने जा रहा है. 10 जुलाई तक चलने वाला यह सत्र Political उठापटक और मौसम संबंधी चुनौतियों के बीच काफी हंगामेदार रहने की संभावना है. एक ओर कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर सियासी माहौल गर्म है, वहीं दूसरी ओर अनियमित मानसून और किसानों की समस्याएं Government के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं.

सत्र से पहले राज्य की राजनीति में ‘ऑपरेशन टाइगर’ चर्चा का केंद्र बना हुआ है. विपक्ष का आरोप है कि सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के कुछ Lok Sabha सांसदों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रहा है. शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने हाल ही में पार्टी के 60वें स्थापना दिवस पर कथित बागी नेताओं को “बेशर्म और एहसान फरामोश” बताते हुए तीखा हमला बोला था.

इस बार विधानसभा और विधान परिषद, दोनों सदनों में आधिकारिक नेता प्रतिपक्ष नहीं होने की संभावना है. ऐसे में सत्ता पक्ष इस स्थिति का लाभ उठाकर अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगा. वहीं, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ के जवाब में ‘ऑपरेशन वुल्फ’ शुरू करने की चेतावनी दी है, जिससे सदन में विपक्ष के आक्रामक रुख के संकेत मिल रहे हैं.

सत्तारूढ़ गठबंधन मानसून सत्र के पहले सप्ताह में विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए चुनाव कराने की तैयारी में है. शिवसेना नेता नीलम गोरहे के दोबारा विधान परिषद सदस्य चुने जाने के बाद उन्हें फिर से इस पद पर बैठाने की संभावना जताई जा रही है.

सदन के भीतर Political आरोप-प्रत्यारोप के बीच राज्य के किसानों की समस्याएं भी प्रमुख मुद्दा रहेंगी. Maharashtra में अनियमित और लंबे समय तक कमजोर मानसून ने कृषि क्षेत्र की चिंताएं बढ़ा दी हैं. Government किसानों को जल्दबाजी में बुवाई न करने और मौसम विभाग की अगली सलाह का इंतजार करने की अपील कर चुकी है.

राज्य के 3,000 से अधिक जलाशयों में जलस्तर लगातार घट रहा है, जिसके चलते Government ने कई राहत और बचाव उपाय शुरू किए हैं. हालांकि विपक्ष का आरोप है कि एल नीनो के कारण पैदा हुई सूखे जैसी स्थिति से निपटने के लिए Government ने पर्याप्त तैयारी नहीं की.

खरीफ फसलों की बुवाई पर भी अनिश्चित मौसम का असर पड़ा है. विपक्ष 36,585 करोड़ रुपये की कृषि ऋण माफी योजना की शर्तों को लेकर Government को घेरने की तैयारी में है. विपक्ष बिना शर्त कर्ज माफी और फसल नुकसान की तत्काल भरपाई की मांग उठाएगा.

Chief Minister देवेंद्र फडणवीस और कृषि मंत्री दत्ता भराणे का कहना है कि Government ने ऋण माफी योजना की कई शर्तों में ढील दी है और अब तक 40 लाख से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल चुका है.

विपक्ष महंगाई, पश्चिम एशिया संघर्ष के असर, नीट परीक्षा विवाद, महिलाओं के खिलाफ अपराध, कानून-व्यवस्था, मराठा-ओबीसी आरक्षण विवाद, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और अनुसूचित जाति आरक्षण के उप-वर्गीकरण जैसे मुद्दों पर भी Government को घेरने की तैयारी में है.

वहीं Government मराठा और ओबीसी समुदायों से जुड़े मुद्दों के समाधान, Police आधुनिकीकरण, नशे के बढ़ते कारोबार पर नियंत्रण और महिलाओं की सुरक्षा के क्षेत्र में अपनी उपलब्धियां गिनाने की तैयारी में है. Government महिला किसानों को सशक्त बनाने संबंधी एक विधेयक भी पेश कर सकती है तथा किसानों और आम जनता को राहत देने के लिए राजस्व विभाग से जुड़े कई सुधारात्मक कदमों की घोषणा कर सकती है.

Political जानकारों का मानना है कि यह सत्र सामान्य विधायी कार्यवाही से ज्यादा Political शक्ति प्रदर्शन और दबदबा स्थापित करने की लड़ाई का मंच बनेगा. पूरक बजट मांगों की मंजूरी के साथ शुरू होने वाले इस सत्र में तीखी बहस, नारेबाजी, वॉकआउट और Political टकराव देखने को मिल सकते हैं. Maharashtra की मौजूदा Political परिस्थितियों में यह मानसून सत्र राज्य के Political और आर्थिक भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है.

डीएससी

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