
स्टॉकहोम, 17 मई . India के Prime Minister Narendra Modi Sunday को स्वीडन पहुंचे. इस दौरान पीएम के विमान को स्वीडिश लड़ाकू जेट्स ग्रिपेन ने एस्कॉर्ट किया. नीदरलैंड में Prime Minister रॉब येतन ने विदा किया था तो स्वीडिश पीएम उल्फ क्रिस्टर्सन ने उनका गुटेनबर्ग हवाई अड्डे पर गर्मजोशी से स्वागत किया.
Prime Minister मोदी का विमान जैसे ही स्वीडन की सीमा में पहुंचा, स्वीडिश वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने उन्हें विशेष सुरक्षा मुहैया कराई. इससे पहले यूएई पहुंचने पर भी ऐसा ही नजारा दिखा था, जहां एफ16 जेट विमान ने पीएम मोदी के विमान को एस्कॉर्ट किया था.
India के Prime Minister Sunday और Monday को स्वीडन में रहेंगे. स्वीडन के Prime Minister उल्फ क्रिस्टर्सन के निमंत्रण पर ये यात्रा हो रही है. दौरे के दौरान दोनों नेता India और स्वीडन के बीच द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करेंगे और व्यापार, निवेश तथा नई तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे.
India और स्वीडन के बीच द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2025 में 7.75 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है. दोनों देशों के बीच पर्यावरण हितैषी तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), उभरती प्रौद्योगिकियां, स्टार्टअप, लचीली सप्लाई चेन, रक्षा, अंतरिक्ष और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करने पर विशेष फोकस रहेगा.
स्वीडन में India के राजदूत अनुराग भूषण के अनुसार, Prime Minister Narendra Modi का स्वीडन दौरा दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने, सहयोग बढ़ाने और लोगों के बीच जुड़ाव को गहरा करने के लिए बहुत जरूरी है.
से बातचीत में भूषण ने कहा कि स्वीडन में रहने वाले भारतीय इस दौरे को लेकर बहुत उत्साहित हैं, जिससे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और कूटनीतिक जुड़ाव और बढ़ने की उम्मीद है. उन्होंने कहा, “Prime Minister, स्वीडिश पीएम उल्फ क्रिस्टर्सन के बुलावे पर आ रहे हैं. तो बेशक वे क्रिस्टर्सन और उनकी लीडरशिप टीम के साथ द्विपक्षीय कंसल्टेशन करेंगे. इसके बाद Prime Minister स्वीडन की बिजनेस कम्युनिटी के साथ भी बातचीत करेंगे. वे यूरोपीय राउंडटेबल ऑफ इंडस्ट्री के सदस्यों को भी संबोधित करेंगे, जो यूरोप की टॉप कंपनियों का एक ग्रुप है.”
इस दौरे के दौरान Prime Minister मोदी, स्वीडन के Prime Minister और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ ‘यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री’ कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे. यह मंच यूरोप की बड़ी कंपनियों और उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों का एक महत्वपूर्ण समूह माना जाता है. पीएम इससे पहले वर्ष 2018 में पहले भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए स्वीडन गए थे.
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केआर/