गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलकर विरासत और विचारों को हमेशा आगे रखना होगा: पीएम मोदी

New Delhi, 13 जनवरी . Prime Minister Narendra Modi ने Tuesday को ‘विकसित India यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ को लेकर कहा है कि ‘नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स’ से शुरू हुआ सिलसिला अब ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ बन चुका है और इसके केंद्र में देश की युवा शक्ति है. पीएम मोदी ने कहा कि गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलकर हमें अपनी विरासत और अपने विचारों को हमेशा आगे रखना है.

Prime Minister मोदी ने ‘विकसित India यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ के अपने भाषण के कुछ वीडियो शेयर किए. उन्होंने Tuesday को social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “बीते 11 सालों से देश के हर सेक्टर में संभावनाओं के अनंत द्वार खुल रहे हैं. कंटेंट और क्रिएटिविटी इन्हीं में शामिल है, जहां हमारे युवा साथी रामायण और महाIndia की प्रेरक कहानियों को भी गेमिंग वर्ल्ड का हिस्सा बना सकते हैं. यहां तक कि हमारे हनुमान जी ही पूरी दुनिया की गेमिंग को चला सकते हैं.

उन्होंने आगे लिखा, “हमने नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स का जो सिलसिला शुरू किया है, वो अब रिफॉर्म एक्सप्रेस बन चुका है. इसके केंद्र में हमारी युवा शक्ति ही है.” एक अन्य पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा, “गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलकर हमें अपनी विरासत और अपने आइडियाज को हमेशा आगे रखना है. स्वामी विवेकानंद जी का जीवन भी हमें यही सिखाता है.”

बता दें कि ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के अवसर पर Prime Minister मोदी ने Monday को ‘विकसित India यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ के समापन सत्र में हिस्सा लिया. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रवासी समुदाय के युवा प्रतिनिधियों समेत देश भर के लगभग तीन हजार युवा नेताओं के साथ बातचीत की. चुने हुए प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय महत्व के प्रमुख क्षेत्रों से संबंधित दस अलग-अलग विषयों पर Prime Minister के सामने अपनी अंतिम प्रस्तुतियां भी दीं.

युवाओं के नाम संदेश में पीएम मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “साल 2047 में, जब हमारी आजादी के 100 साल होंगे, वहां तक की यात्रा India के लिए भी अहम है. यही वो समय है, जो आपके जीवन में भी सबसे महत्वपूर्ण है, यानी बड़ा सुनहरा अवसर है. आपका सामर्थ्य India का सामर्थ्य बनेगा और आपकी सफलता India की सफलता को नई ऊंचाइयां जरूर देगी.”

उन्होंने आह्वान किया कि देश बिना आत्मविश्वास के आत्मनिर्भर और विकसित नहीं हो सकता. इसलिए, अपने सामर्थ्य, अपनी विरासत और अपने साजो-सामान पर गौरव का अभाव हमें खलता है. हमारे पास उसके प्रति एक कमिटमेंट चाहिए और गौरव का भाव होना चाहिए. हमें बड़ी मजबूती के साथ गौरव के साथ मजबूत कदमों से आगे बढ़ना चाहिए.

पीएम मोदी ने कहा कि हमें मिलकर गुलामी की इस मानसिकता को खत्म करना है. दस साल बाद मैकाले के उस दुस्साहस को 200 साल पूरे हो रहे हैं और ये पीढ़ी की जिम्मेवारी है कि 200 साल पहले हुए पाप को धोने के लिए अभी 10 साल बचे हैं. ये युवा पीढ़ी मैकाले के उस पाप को धोकर के रहेगी. और इसलिए देश के हर युवा को संकल्प लेकर इस मानसिकता से देश को बाहर निकालना है.

Prime Minister ने युवाओं को सुझाव दिया कि थोड़े समय के बाद हम जिलों को विकसित बनाने के लिए भी डायलॉग शुरू करने की दिशा में जाएंगे. लेकिन हर राज्य में एक कार्यक्रम राज्य के नौजवान मिलकर के, ताकि एक थिंक टैंक, जिसको कहा गया, ये थिंक वेब बन जाएगा, ये दिशा में हम करें.

डीसीएच/

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