पीएम मोदी ने कतर, ओमान और कुवैत के नेताओं से की बात, भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंतित

New Delhi, 3 मार्च . Prime Minister Narendra Modi ने Tuesday को कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी, ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक और कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबा अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से बातचीत की. उन्होंने क्षेत्रीय हालात पर चर्चा करते हुए वहां रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया.

बातचीत ऐसे समय में हुई है जब ईरान और खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष को लेकर India लगातार संबंधित देशों और अन्य प्रमुख साझेदारों के संपर्क में है. Prime Minister ने तीनों नेताओं के साथ हालिया घटनाक्रम पर विचार-विमर्श किया और उनके देशों की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की निंदा की.

Prime Minister मोदी ने एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने सुल्तान हैथम बिन तारिक से पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रम पर चर्चा की. उन्होंने ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की कड़ी निंदा की. दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए निरंतर कूटनीतिक संवाद बेहद आवश्यक है. Prime Minister ने ओमान में रह रहे भारतीय समुदाय को दिए जा रहे सहयोग के लिए वहां की Government का आभार भी व्यक्त किया.

वहीं, कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह अल-खालिद अल-हमद अल-मुबारक अल-सबाह से हुई बातचीत को Prime Minister ने “सार्थक” बताया. उन्होंने कहा कि India कुवैत की संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा करता है और इस कठिन समय में कुवैत की जनता के साथ खड़ा है. दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय शांति बहाली के लिए संवाद और कूटनीति की अहमियत पर जोर दिया. Prime Minister ने कुवैत में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए वहां के नेतृत्व के सहयोग की सराहना की.

इसके साथ ही, कतर के अमीर से बातचीत के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “मेरे भाई, कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से बातचीत हुई. हम कतर के साथ मजबूती से एकजुटता के साथ खड़े हैं और उसकी संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता के किसी भी उल्लंघन की कड़ी निंदा करते हैं. हमने संवाद और कूटनीति के माध्यम से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया. इस चुनौतीपूर्ण समय में कतर में भारतीय समुदाय के प्रति उनके निरंतर समर्थन और देखभाल के लिए मैंने उनका आभार भी व्यक्त किया.”

इधर, विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि 28 फरवरी 2026 को संघर्ष शुरू होने के समय ही India ने सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ाने से बचने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की थी.

बयान में कहा गया कि रमजान के पवित्र महीने के दौरान क्षेत्र की स्थिति लगातार बिगड़ी है, जिससे India को गहरी चिंता है.

India ने स्पष्ट किया कि वह क्षेत्र की स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है और राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक निर्णय ले रहा है.

विदेश मंत्रालय के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं. उनकी सुरक्षा और कुशलता India की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

मंत्रालय ने यह भी कहा कि India की व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति शृंखलाएं इसी क्षेत्र से होकर गुजरती हैं. ऐसे में किसी भी बड़े व्यवधान का भारतीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है.

India ने समुद्री व्यापारिक जहाजों पर हमलों का भी कड़ा विरोध किया है. हाल के दिनों में ऐसे हमलों में कुछ भारतीय नागरिकों की मौत या लापता होने की खबरें भी सामने आई हैं.

डीएससी

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