
नागपुर, 27 जून . Maharashtra शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का पेपर परीक्षा से एक दिन पहले लीक होने पर शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता संजय निरुपम ने इसे बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बताया है.
से बातचीत में संजय निरुपम ने कहा, “पेपर लीक होना दुर्भाग्यपूर्ण खबर है. पेपर लीक करने वाला गैंग है और राष्ट्रीय स्तर संचालन होने वाला माफिया तंत्र है. हमारा संकल्प इस माफिया को नष्ट करने का होना चाहिए. Maharashtra टीईटी पेपर लीक होने पर Government ने परीक्षा रद्द करने के साथ ही कार्रवाई शुरू कर दी है.”
संजय निरुपम ने कहा, “पेपर लीक करने वाले लोग कोचिंग संस्थानों से जुड़े होते हैं. कोचिंग संस्थानों की वजह से पूरा माफिया तंत्र काम करता है. ऐसे में पेपर लीक में शामिल कोचिंग संस्थाओं को पकड़ा जाना चाहिए. बच्चों को कोचिंग देना गलत नहीं है, लेकिन कोचिंग के नाम पर परीक्षाओं के पेपर लीक करना एक पाप है. ऐसे ‘पापियों’ को छोड़ने की आवश्यकता नहीं है. पूरे देश में ऐसे लोगों पर Government को शिकंजा कसना चाहिए, ताकि बच्चों का भविष्य न खराब होने पाए. पेपर लीक करना एक अपराध है. पेपर लीक रोकने के लिए अगर जरूरत हो तो सख्त कानून बनना चाहिए. अब समय आ गया है पेपर लीक करने वाले माफिया पर सख्त कार्रवाई हो.”
वहीं, Maharashtra Government ने बयान जारी कर बताया है कि Maharashtra राज्य परीक्षा परिषद ने पूरे Maharashtra राज्य में 28 जून 2026 को कुल 1,028 केंद्रों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) 2026 आयोजित करने का प्रस्ताव रखा था. नीट 2026 परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं को देखते हुए परिषद ने सुरक्षा के व्यापक उपाय लागू किए थे, हालांकि 27 जून 2026 की सुबह मिली गुप्त जानकारी के आधार पर Police ने भिवंडी में एक जगह पर छापा मारा, जहां कुछ लोगों के पास प्रश्न-पत्र से जुड़ी जानकारी होने का शक था.
इसके बाद उस सामग्री की पुष्टि के लिए Maharashtra राज्य परीक्षा परिषद के अधिकारियों को बुलाया गया. जांच करने पर पता चला कि उन लोगों के पास मौजूद सवाल जून 2026 की शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के प्रश्न-पत्र से मेल खाते थे. मौजूदा हालात को देखते हुए 28 जून 2026 को होने वाली टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) को स्थगित किया जा रहा है.
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ओपी/वीसी