पोलैंड के लोग तुरंत ईरान छोड़ें, कुछ ही घंटों में निकलना नामुमकिन हो सकता है: पीएम टस्क

वारसा, 19 फरवरी . पोलैंड के Prime Minister डोनाल्ड टस्क ने पोलिश लोगों से तुरंत ईरान छोड़ने को कहा है. तमाम विदेशी मीडिया एजेंसियों और आउटलेट्स में ईरान-यूएस के तनाव की चर्चा है. स्थानीय मीडिया ने इसकी जानकारी दी.

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक इस हफ्ते अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है. President डोनाल्ड ट्रंप से इसे अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है.

इसी चर्चा के बीच टस्क ने ये अपील की है. उन्होंने कहा है कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए ईरान में मौजूद पोलिश नागरिकों को तुरंत निकल जाना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि हथियारों से लैस लड़ाई की आशंका के कारण कुछ ही घंटों में निकलना मुमकिन नहीं होगा.

टस्क ने कहा, “प्लीज तुरंत ईरान छोड़ दें… और किसी भी हालत में इस देश में न जाएं.” वारसा के पास जिलोंका शहर में मीडिया से उन्होंने कहा, “मैं किसी को डराना नहीं चाहता, लेकिन हम सब जानते हैं कि मैं किस बारे में बात कर रहा हूं. लड़ाई की आशंका है.”

Prime Minister ने चेतावनी दी कि “कुछ या बहुत ज्यादा घंटों में लोगों को निकालना मुमकिन नहीं हो पाएगा.” उन्होंने पोलैंड के लोगों से चेतावनी को गंभीरता से लेने की अपील की.

पोलैंड की Government ने इस बारे में डिटेल नहीं दी है कि अभी कितने पोलिश नागरिक ईरान में हैं. विदेश मंत्रालय से आगे गाइडलाइंस जारी करने की उम्मीद है.

टस्क ने कहा, “हमारे अनुभव बुरे रहे हैं. कुछ लोग ऐसी अपीलों को कम आंकते हैं.”

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य पूर्व में अमेरिका ने 2003 के इराक युद्ध के बाद अपनी सबसे बड़ी एयर फोर्स तैनात की है. वह हमला, जिससे आठ साल से ज्यादा समय तक चला एक खतरनाक युद्ध शुरू हुआ, उसे “शॉक एंड ऑ” (सदमे और डर) बमबारी कैंपेन कहा गया.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में एफ-35, एफ-22, एफ-15 और एफ-16 जैसे एडवांस्ड फाइटर जेट्स की कई स्क्वॉड्रन तैनात की हैं. बड़े पैमाने पर एयर ऑपरेशन के लिए जरूरी कमांड एंड कंट्रोल एयरक्राफ्ट भी भेजे जा रहे हैं. हाल के हफ्तों में एयर डिफेंस सिस्टम भी इलाके में लगाए गए हैं.

अमेरिकी न्यूज एजेंसी एक्सियोस की रिपोर्ट दावा करती है कि अगर अमेरिका सैन्य कार्रवाई करता है तो यह कई हफ्तों तक चलने वाला बड़ा ऑपरेशन होगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि यह पिछले महीने वेनेजुएला में हुई सीमित कार्रवाई से कहीं बड़ा होगा और संभव है कि इसे इजरायल के साथ मिलकर अंजाम दिया जाए. इसका निशाना ईरान का परमाणु और मिसाइल ढांचा हो सकता है.

अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर हमला करने की सोच रहे हैं. अमेरिका-ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर बातचीत चल रही है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि बातचीत का अब तक कोई खास नतीजा नहीं निकला है.

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने Tuesday को दोहराया कि परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर करने वाला ईरान शांतिपूर्ण मकसद के लिए न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी के अपने अधिकार को नहीं छोड़ेगा, और कहा कि तेहरान इस अधिकार से कोई समझौता नहीं करेगा.

केआर/

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