अरुणाचल के लोग देश की एकता और अखंडता की रक्षा में मिसाल हैं: गवर्नर परनाइक

ईटानगर, 9 अगस्त . अरुणाचल प्रदेश के गवर्नर केटी परनाइक ने Sunday को India की पूर्वी सीमा के प्रहरी के तौर पर राज्य की भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि यहां के लोगों ने देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए हमेशा मिसाल कायम करने वाली देशभक्ति और समर्पण दिखाया है.

Chief Minister पेमा खांडू ने गवर्नर और डिप्टी सीएम चौना मीन के साथ मिलकर राज्यव्यापी ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि यह पहल सिर्फ झंडा फहराने के कार्यक्रम से कहीं ज्यादा है.

‘हर घर तिरंगा’ अभियान देशभक्ति को गहरा करने, राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने और India की पहचान बनाने वाले मूल्यों के साथ मजबूत जुड़ाव बनाने की एक देशव्यापी कोशिश है.

इस मौके पर गवर्नर ने Chief Minister के साथ मिलकर युवाओं को राष्ट्रीय ध्वज सौंपा और प्रतिभागियों के साथ मिलकर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ गाया.

गवर्नर परनाइक ने सभी नागरिकों से गर्व के साथ राष्ट्रीय ध्वज फहराने और इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया. उन्होंने इसे एक जन-आंदोलन बताया जो देशभक्ति की भावना को फिर से जगाता है और भावनात्मक एकता को मजबूत करता है.

उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे India ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, देशभक्ति न केवल शब्दों में बल्कि जिम्मेदार कार्यों में भी झलकनी चाहिए. इन कार्यों में संविधान का सम्मान, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा, पर्यावरण की देखभाल और समाज व राष्ट्र के प्रति समर्पित सेवा शामिल है.

अरुणाचल प्रदेश के लोगों की देशभक्ति पर अपनी लिखी एक कविता सुनाते हुए गवर्नर ने तिरंगे के गहरे महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि यह India की एकता, बलिदान, आकांक्षाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों का जीवंत प्रतीक है.

उन्होंने बताया कि केसरिया रंग साहस और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है, सफेद रंग शांति, सद्भाव और सच्चाई को दर्शाता है, हरा रंग समृद्धि और प्रकृति के साथ सामंजस्य का प्रतीक है, जबकि अशोक चक्र न्याय और धर्म के मार्ग पर चलते हुए निरंतर प्रगति की प्रेरणा देता है.

9 अगस्त के ऐतिहासिक महत्व को याद करते हुए गवर्नर परनाइक ने कहा कि 1942 में इसी दिन महात्मा गांधी ने ‘करो या मरो’ के नारे के साथ ‘India छोड़ो आंदोलन’ शुरू किया था, जिसने लाखों भारतीयों को औपनिवेशिक शासन के खिलाफ एकजुट होने के लिए प्रेरित किया.

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान राष्ट्रीय ध्वज आजादी, मजबूती और सामूहिक राष्ट्रीय उद्देश्य के एक शक्तिशाली प्रतीक के रूप में उभरा.

गवर्नर परनाइक ने स्कूलों, कॉलेजों, युवा संगठनों, स्वयं-सहायता समूहों और सामुदायिक संस्थाओं से ऐसी गतिविधियां आयोजित करने का आग्रह किया जो देशभक्ति, राष्ट्रीय जागरूकता और नागरिक जिम्मेदारी को बढ़ावा दें.

एमएस/

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