रामविलास पासवान को भारत रत्न देने की मांग, पशुपति पारस ने केंद्र सरकार से की अपील

Patna, 5 जुलाई . राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख पशुपति कुमार पारस ने दिवंगत नेता राम विलास पासवान की 80वीं जयंती पर उन्हें याद करते हुए India रत्न देने की मांग उठाई. इस दौरान उन्होंने उनके सामाजिक और Political योगदान का जिक्र किया, जबकि पार्टी नेताओं ने आगामी चुनाव और संगठन के विस्तार को लेकर भी अपनी रणनीति साझा की.

पशुपति कुमार पारस ने कहा कि हम तीन भाई थे – राम विलास पासवान सबसे बड़े थे और मैं दूसरे नंबर पर हूं. यह मेरा दुर्भाग्य है कि मेरे बड़े और छोटे, दोनों भाई मुझे अकेला छोड़ गए. राम विलास पासवान की जयंती खुशी और दुख, दोनों का दिन है.”

उन्होंने कहा कि राम विलास पासवान ने अपने 50 साल के Political जीवन में जनता के लिए जो काम किए, इसकी वजह से आज पूरे देश में लोग उन्हें एक अच्छे नेता के तौर पर जानते हैं. पिछड़े समाज के लोगों के लिए वह छात्र जीवन से ही काम करते रहे.

पशुपति कुमार पारस ने Government से India रत्न देने की मांग की और कहा कि मैं बिहार Government और केंद्र Government से पार्टी की ओर से मांग करता हूँ कि उन्होंने पिछड़े समाज के लोगों के लिए जो काम किया, उसके लिए उन्हें India रत्न दिया जाना चाहिए. इतना ही नहीं, Patna के एक चौराहे पर उनकी प्रतिमा भी स्थापित की जानी चाहिए.

इस दौरान पार्टी के तमाम नेता मौजूद थे. प्रिंस राज ने भी इस दौरान राम विलास पासवान को नमन किया और कहा कि आने वाला चुनाव हम लोग लड़ने वाले हैं. पार्टी ने चुनाव लड़ने का फैसला किया है.

राम विलास पासवान की जयंती पर दिल्ली से Patna और Lucknow तक तमाम कार्यक्रम आयोजित किए गए. राम विलास पासवान के बेटे और Union Minister चिराग पासवान Lucknow में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने बड़ी संख्या में एकत्रित पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया.

इतना ही नहीं, New Delhi में भी चिराग पासवान की पार्टी के दफ्तर पर राम विलास पासवान का जन्मदिन मनाया गया.

चिराग पासवान ने कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने आज पहली बार पद्म भूषण स्व. रामविलास पासवान की जयंती बिहार से बाहर उत्तर प्रदेश की धरती पर मनाकर एक नए संकल्प का आगाज किया है. यह केवल एक जयंती समारोह नहीं, बल्कि उनके सामाजिक न्याय, समानता और जनसेवा के विचारों को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने का संकल्प है.

पार्टी की ओर से कहा गया कि उत्तर प्रदेश न सिर्फ बिहार का पड़ोसी राज्य है, बल्कि चिराग पासवान के हृदय के भी बेहद करीब है. इसी भावना के साथ पार्टी उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करते हुए रामविलास पासवान के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर आगे बढ़ रही है.

एएमटी/वीसी

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