
New Delhi, 1 अगस्त . अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर संसद परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के भगवा वस्त्र पहनने पर केंद्रीय राज्य मंत्री रामदास आठवले ने कड़ा विरोध जताया. उन्होंने कहा कि सांसद होने के नाते पप्पू यादव को अपनी मांगें उठाने का पूरा अधिकार है, लेकिन संसद परिसर में ऐसा प्रदर्शन या ड्रामा करना उचित नहीं था.
New Delhi में से बातचीत में रामदास आठवले ने कहा कि राम मंदिर चंदा चोरी मामले में Government ने स्पष्ट रूप से साफ कर दिया है कि जांच में पाए जाने वाले दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिलेगी.
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके का जिक्र करते हुए रामदास आठवले ने कहा कि मेरा मानना है कि वह हमारे समुदाय से हैं. वह दो वर्ष के एक कोर्स के लिए अमेरिका गए थे और कोर्स पूरा होने के बाद भी वहीं रुके रहे. बाद में उन्होंने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बनाई और पेपर लीक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाया. पेपर लीक से देशभर के कई छात्र प्रभावित हुए. कई ऐसे छात्र, जिन्होंने अच्छी तैयारी की थी, गहरी निराशा में चले गए. कुछ बच्चों ने गलत कदम भी उठा लिया. इस मुद्दे को लेकर सीजेपी को देशभर से समर्थन मिला.
आठवले ने कहा कि दिपके को भी झूठे बयान नहीं देने चाहिए. उनकी कई मांगें पूरी हो चुकी हैं. उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज तब हुआ, जब प्रदर्शनकारी उग्र हो गए थे. जंतर-मंतर पर जब शांतिपूर्ण प्रदर्शन हुआ था, तब ऐसी कोई स्थिति नहीं बनी थी. विपक्षी दलों के नेताओं ने छात्रों को भड़काने का काम किया. आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था और उसका समापन भी शांतिपूर्ण होना चाहिए था.
आठवले ने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों ने Police के जवानों पर भी हमले किए, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी से लेकर जवान भी चोटिल हुए. यदि अभिजीत दिपके राजनीति में आना चाहते हैं और एनडीए की विचारधारा को स्वीकार करते हैं, तो वे मेरी पार्टी में आ सकते हैं. मैं बाबा साहेब अंबेडकर की विचारधारा को लेकर चल रहा हूं, वे भी इसी विचारधारा से प्रेरित हैं, तो भविष्य में अगर आना चाहें तो आ सकते हैं.
छात्रों से संबंधित पीएम मोदी के वीडियो संदेश पर आठवले ने कहा कि अगर किसी छात्र ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है, तो वह पूरी तरह गलत है. Prime Minister ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और छात्रों की मांगें भी पूरी कर दी हैं. इसके बावजूद अभद्र भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है. Prime Minister ने बड़ा दिल दिखाते हुए कहा है कि छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. छात्रों को भी यह समझना चाहिए कि Prime Minister के नेतृत्व में देश तेजी से विकास कर रहा है.
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डीकेएम/एबीएम