
जबलपुर, 1 अगस्त Madhya Pradesh के जबलपुर में Chief Minister मोहन यादव ने गीता भवन परिसर में विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण करते हुए राज्य में 11 लाख पौधे रोपे जाने के अभियान की शुरुआत की . इस मौके पर Chief Minister ने ऐलान किया है कि जबलपुर नगर निगम को अगले वर्ष मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाया जाएगा . Chief Minister यादव ने Saturday को जबलपुर को बड़ी सौगात देते हुए कहा कि नगर निगम जबलपुर अगले एक वर्ष में मेट्रोपोलिटन सिटी बनेगा.
उन्होंने मौके पर ही संबंधितों (कमिश्नर, कलेक्टर एवं अन्य) को जल्द से जल्द जबलपुर मेट्रोपॉलिटन सिटी का ड्रॉफ्ट प्रपोजल तैयार करने के निर्देश दिये.Chief Minister यादव ने कहा कि जबलपुर में एक ‘फर्नीचर क्लस्टर’ बनाया जायेगा. वहीँ प्रदेश में जबलपुर की मेडिकल यूनिवर्सिटी को अब मध्यप्रदेश के एम्स (राज्यस्तरीय आयुर्विज्ञान संस्थान) के रूप में विकसित किया जाएगा. Chief Minister यादव ने कहा कि जबलपुर और आसपास की परिधि मे स्थित नेशनल पार्क में आने वाले पर्यटकों के विशेष आकर्षण के लिए जबलपुर में ही वाइल्ड एनीमल्स विजिबिलिटी की सुविधा विकास के लिए यहां मदन महल पहाड़ी के पास एक चिड़िया घर (जू) बनाया जायेगा.
जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार सांदीपनि विद्यालय भी बनाये जायेंगे. Chief Minister यादव ने कहा कि ‘Government का अर्थ सहकार’ और ‘सहकार का अर्थ परिवार’ की सहायता करना है. दुनिया के सामने India वसुधैब कुटुम्बकम का एक आदर्श उदाहरण है. भारतीय परंपरा प्राचीनकाल से इसी भाव से आगे बढ़ती रही है. उन्होंने कहा कि अपने जंगलों को हराभरा रखने के लिए हम सभी जरूरी प्रयास कर रहे हैं. प्रकृति के साथ रिश्ता और भी मजबूत बनाने के लिए आज जबलपुर से 11 लाख पौधे लगाने के लिए सघन पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया गया है.
उन्होंने कहा कि पेड़ हमारे जीवन में ऋषि-मुनियो के समान होते हैं. पेड़ों से हमें स्वच्छ हवा मिलती है. यह सबको जीवन देते हैं. पौधरोपण के लिए नई जापानी ‘मियावाकी पद्धति’ से एक एकड़ भूमि पर 12 हजार पौधे लगाए जा सकते हैं. यह क्षेत्र तीन साल से कम अवधि में सघन वन बन जाता है.
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश में नदियों का मायका है. यहां हर-भरे सघन वन हैं. नदियां जंगलों को हराभरा रखती हैं. सभी को खुशहाली और आगे बढ़ने का अवसर देती हैं. नर्मदा नदी से Gujarat और Rajasthan को भी समृद्धि मिलती है. चंबल और सोन जैसी नदियां गंगा-यमुना की धारा को रफ्तार देती हैं.
–आईएएन
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