विपक्ष सांसदों का सरकार पर तंज, कहा-‘पीएम और गृह मंत्री संसद में अनुपस्थित रहकर जिम्मेदारी से भाग रहे’

New Delhi, 5 अगस्त . संसद के मानसून सत्र के दौरान Wednesday को विपक्षी दलों ने सांसदों ने Prime Minister Narendra Modi तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में उपस्थित होकर जवाब देने की मांग दोहराई. सांसदों ने संसद परिसर और प्रेरणा स्थल पर विरोध-प्रदर्शन करते हुए चर्चा और जवाबदेही की मांग की.

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने पत्रकारों से कहा कि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू Government और Prime Minister का संदेश लेकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मिलने आए थे. उन्होंने कहा कि विपक्ष शुरू से ही चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा चाहता है क्योंकि यह पूरे देश से जुड़ा विषय है.

वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उन घटनाओं पर बयान की मांग कर रहा है, जिनमें छात्रों पर कथित गोलीबारी और अत्याचार के आरोप लगे हैं. उन्होंने बिहार की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य गंभीर परिस्थितियों का सामना कर रहा है और लोगों की सोच बदल रही है. विपक्ष केवल बहस और चर्चा चाहता है, जबकि Government इस पर सहमत नहीं है. Government संसद में पर्याप्त चर्चा के बिना अपनी मर्जी से कानून पारित करना चाहती है, जिसका विपक्ष विरोध कर रहा है.

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भी Government पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष चाहता है कि गृह मंत्री सदन में आकर विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों पर चर्चा करें और देश के सामने मौजूद महत्वपूर्ण मामलों पर अपना पक्ष रखें. उन्होंने कहा कि Prime Minister को भी संसद में उपस्थित होकर देश से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए. Prime Minister और गृह मंत्री दोनों ही संसद में अनुपस्थित रहकर अपनी जिम्मेदारियों से बच रहे हैं.

कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पंजाब के बटाला Police स्टेशन में हुए विस्फोट के मामले पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि Police ने शुरुआत में घटना को धमाका मानने से इनकार किया, लेकिन बाद में बयान बदलते हुए इसे विस्फोट बताया और कुछ संदिग्धों की गिरफ्तारी की जानकारी दी. पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल अब भी बने हुए हैं और मामले की पारदर्शी जांच होनी चाहिए.

वहीं, कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) को लेकर चल रही बहस पर कहा कि इस कानून को लेकर विभिन्न पक्षों की अलग-अलग राय है.

उन्होंने कहा कि यदि इस विषय से जुड़ा कोई प्रस्ताव संसद में आता है तो उस पर विस्तृत चर्चा होगी. यदि संसद इसे मंजूरी देती है, तो आवश्यकता पड़ने पर न्यायपालिका भी इसकी संवैधानिक समीक्षा कर सकती है.

Samajwadi Party के सांसद राजीव राय ने प्रेरणा स्थल पर विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन के दौरान कहा कि विपक्ष की मांग पहले की तरह ही है कि Prime Minister और गृह मंत्री संसद में आकर जवाब दें. उन्होंने आरोप लगाया कि Government महत्वपूर्ण मुद्दों पर चुप्पी साधे हुए है. गांधीवादी तरीके से किए जा रहे विरोध-प्रदर्शनों के दौरान लाठीचार्ज होना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है. राजीव राय ने केंद्र Government की कार्यशैली की आलोचना करते हुए कहा कि उसका Political रवैया औपनिवेशिक शासन की याद दिलाता है.

आरएसपी सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने छात्र आंदोलनों के दौरान हुई Police कार्रवाई को लेकर Government की आलोचना की. उन्होंने कहा कि छात्रों से माफी मांगने की अपेक्षा करने के बजाय Prime Minister को देश के छात्रों और युवाओं से माफी मांगनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि Government छात्र आंदोलनों को संभालने में विफल रही है. प्रेमचंद्रन ने नीट पेपर लीक और सीबीएसई परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं की जिम्मेदारी Government को लेनी चाहिए.

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एसएके/पीएम

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