एनएसयूआई जिला अध्यक्षों को नोटिस भेजे जाने पर विश्वास सारंग बोले-राहुल गांधी और खड़गे जिम्मेदार ठहराए जाएं

Bhopal , 18 जून . Madhya Pradesh Government में मंत्री विश्वास सारंग ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा 22 एनएसयूआई जिला अध्यक्षों को प्रदर्शन में न शामिल होने पर नोटिस दिए जाने पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि ऐसे छोटे-छोटे पदाधिकारियों को नोटिस देकर कोई फायदा नहीं, अगर नोटिस देना है तो राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को देना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस में जिम्मेदारी तय करने की बजाय छोटे कार्यकर्ताओं को दबाव में लेने की राजनीति की जा रही है. उनके अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया कांग्रेस की संगठनात्मक कमजोरी को दर्शाती है.

कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने और उससे जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया देते विश्वास सारंग ने कहा कि कांग्रेस को पहले से ही बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग की आशंका थी. कांग्रेस विधायक पूरी तरह से पार्टी नेतृत्व के खिलाफ जा चुके थे और इसी वजह से पार्टी अब अपनी साख बचाने में लगी हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि यदि कांग्रेस नेतृत्व वास्तव में इस मामले को गंभीरता से लेता, तो नामांकन प्रक्रिया को सही तरीके से पूरा करवाया जा सकता था.

सारंग ने कहा कि कांग्रेस ने इसके लिए कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन अपने ही स्तर पर आवश्यक सावधानियां नहीं बरतीं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने फॉर्म और प्रक्रिया को सही तरीके से जांच लिया होता, तो विवाद की स्थिति पैदा ही नहीं होती. जिन वकीलों को लेकर वह कोर्ट पहुंचे हैं, अगर उन्हीं से फॉर्म भरवा लेते तो यह स्थिति नहीं होती. उनके अनुसार, कांग्रेस अब अपनी विफलता को छिपाने के लिए अनावश्यक Political बयानबाजी कर रही है.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस में संगठनात्मक अनुशासन की भारी कमी है और पार्टी में निर्णय प्रक्रिया पूरी तरह से असंतुलित हो चुकी है. सारंग ने आरोप लगाया कि कांग्रेस में योग्यता से अधिक व्यक्तिगत संबंधों और निष्ठा के आधार पर पद दिए जाते हैं.

विश्वास सारंग ने कहा कि 22 एनएसयूआई जिला अध्यक्षों को नोटिस जारी किया गया है. यदि कांग्रेस को वास्तव में कार्रवाई करनी ही थी तो यह कार्रवाई शीर्ष नेतृत्व और बड़े पदाधिकारियों पर होनी चाहिए थी.

उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व पर हमला करते हुए कहा कि यदि नोटिस जारी करना ही है तो सबसे पहले राहुल गांधी और पार्टी के शीर्ष नेताओं को दिया जाना चाहिए, क्योंकि वही पार्टी की दिशा और नीति तय करते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि Madhya Pradesh कांग्रेस अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेताओं की भूमिका पर भी सवाल उठाए जाने चाहिए.

विश्वास सारंग ने कांग्रेस को सलाह देते हुए कहा कि पार्टी को आत्ममंथन करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि जनता उनके प्रदर्शनों से क्यों नहीं जुड़ रही है और पार्टी की नीतियों में क्या कमी है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल Political नाटकीयता में लगी हुई है और वास्तविक मुद्दों से भटक चुकी है.

उन्होंने यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि एक देश में एक समान कानून होना समय की आवश्यकता है. उनके अनुसार, Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में Government लगातार सुधारात्मक कदम उठा रही है और यूसीसी भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने कहा कि कई राज्यों में इस दिशा में काम शुरू हो चुका है और Madhya Pradesh Government भी इसे लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है.

पीआईएम/वीसी

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