
New Delhi, 18 अगस्त . Maharashtra साइबर एडीजी यशस्वी यादव ने भारत-अमेरिका साइबर सहयोग को लेकर मीडिया से बात की. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने आईएसीसी और अमेरिकी कंपनियों के साथ उत्तर प्रदेश Government के टाई-अप से महिलाओं को होने वाले फायदों का जिक्र किया. दोनों ने जेन-जी के साथ बातचीत पर भी जोर दिया. यशस्वी यादव ने कहा कि जेन-जी वर्चुअल दुनिया में पैदा हुए हैं और बहुत तेज हैं, जबकि अपर्णा यादव ने उन्हें India की आत्मा और उज्जवल भविष्य का निर्माणकर्ता बताया.
Maharashtra साइबर एडीजी यशस्वी यादव ने कहा, “मैं साइबर क्राइम का प्रमुख हूं. साइबर सुरक्षा मेरा उद्देश्य है. India में 870 करोड़ स्मार्ट फोन हैं. मैं बताना चाहता हूं कि आज के समय में विश्व का सबसे बड़ा अपराध साइबर क्राइम बन चुका है. आज की तारीख में किसी भी व्यवसाय और निवेश को सफल बनाने के लिए साइबर सुरक्षित माहौल जरूरी है. पहले कानून व्यवसाय का मजबूत होना जरूरी होता था, लेकिन cctv के आने से वो अच्छा हो गया. साइबर लैंडस्केप अगर अच्छा नहीं होगा तो कोई भी बिजनेस सफल नहीं हो पाएगा, इसलिए आज का कार्यक्रम साइबर सुरक्षा पर रखा गया है.”
उन्होंने कहा कि जिस हिसाब से आज का समय बदल रहा है, उस हिसाब से ये जरूरी है. कार्यक्रम के दौरान हमने कुछ ऐसी तकनीकें बताईं, जिससे हम साइबर सुरक्षा मजबूत रख सकते हैं. लोगों ने भी उसे अच्छी तरह से इसे समझा.
Maharashtra साइबर एडीजी यशस्वी यादव ने भारत-अमेरिका साइबर सहयोग को लेकर कहा, “Maharashtra Government ने विश्व का बेहतरीन साइबर सिक्योरिटी सेंटर बनाया. इसे संयुक्त राष्ट्र ने दुनिया का टॉप साइबर सिक्योरिटी सेंटर कहा है. Maharashtra साइबर सेंटर में बहुत सारी अमेरिकी कंपनियों ने अपने टूल्स और टेक्नोलॉजी दिए हैं. हमने भी उन्हें कई मॉडल दिए हैं. दोनों देशों के बीच सहयोग चल रहा है.”
जेन-जी के साथ बातचीत को लेकर यशस्वी यादव ने कहा कि जेन-जी एक नए युग में आए हैं. वे बहुत ही होशियार और तेज हैं. वे वर्चुअल दुनिया में पैदा हुए हैं, हाथ में डिजिटल फोन लेकर पैदा हुए हैं, और उनके वर्चुअल फ्रेंड्स हैं. हम मिलेनियल्स वास्तविक दुनिया में पैदा हुए, हमारे दोस्त वास्तविक थे, और हम वास्तविक स्पोर्ट्स खेलते थे. आज वे ई-गेम्स खेल रहे हैं.
उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने आईएसीसी और अमेरिकी कंपनियों के साथ यूपी Government के सहयोग से महिलाओं को मिलने वाले फायदों पर कहा, “साइबर सुरक्षा के मामले में महिलाओं के नजरिए को हमने रखा कि इस पर रणनीतिक नियम क्या हो सकता है कि अमेरिकी जो चैप्टर है, ये आईएसीसी का कैसे फैसिलिटेट कर सकता है हमारी उत्तर प्रदेश में जो महिलाएं हैं, जो उनके सेल्फ-हेल्प ग्रुप से हैं, और जो प्रोडक्ट है, स्पेशली वो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कैसे सेल आउट हो सकता है.”
जेन-जी के साथ बातचीत को लेकर उन्होंने कहा, “उनके साथ अच्छी बातचीत हुई. वो India के साथ हैं. जेन-जी India की आत्मा है, और मुझे लगता है कि तकनीकी सपोर्ट के साथ अगर हम उन्हें सनातन के साथ भी जोड़ सकें, समग्र शिक्षा से जोड़ें और माहौल अच्छा रख सकें. जेन-जी India के बहुत उज्जवल भविष्य के निर्माणकर्ता बनेंगे.”
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केके/डीकेपी