
New Delhi, 18 अगस्त . बांग्लादेश के Prime Minister तारिक रहमान के India दौरे को लेकर अनिश्चितता के बीच ढाका की तरफ से जारी एक प्रेस नोट ने विवाद खड़ा कर दिया है. बांग्लादेश में India की पूर्व उच्चायुक्त वीणा सिकरी ने कहा कि शेख हसीना खुद दिसंबर में अपने देश लौटना चाहती हैं, लेकिन तारिक रहमान Government चाहती है कि India उनका प्रत्यर्पण करे.
बांग्लादेश के Prime Minister तारिक रहमान के India दौरे को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं. इस बीच बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय की तरफ से एक प्रेस नोट भी जारी किया गया, जिसमें पीएम रहमान के दौरे का जिक्र नहीं है. बांग्लादेश की पूर्व उच्चायुक्त वीणा सिकरी ने इस प्रेस नोट को अस्पष्ट बताया. उन्होंने कहा, “बांग्लादेश की तरफ से एक अस्पष्ट प्रेस रिलीज जारी किया गया, जिसमें रहमान के India दौरे की कोई पुष्टि नहीं की गई. ऐसा माना जा रहा है कि यह प्रेस नोट सीधे शेख हसीना के प्रत्यर्पण से जुड़ा है. यह बहुत ही ज्यादा विवादास्पद है. सभी जानते हैं कि प्रत्यर्पण मामले में समय लगता है. शेख हसीना ने खुद कहा है कि वो वापस जाना चाहती हैं.”
उन्होंने कहा, “बांग्लादेश ने एक शर्त रखी थी. हमारी तरफ से पीएम तारिक रहमान के लिए दो बार न्योते भेजे गए. एक वक्त लगता था कि वो सबसे पहले अपनी यात्रा India में करेंगे, लेकिन वो चीन और मलेशिया चले गए. बांग्लादेश ने अचानक से एक बहुत ही सख्त नोट दिया कि माहौल बिल्कुल सही नहीं है, जब तक शेख हसीना वापस नहीं आती हैं, रहमान India दौरे पर नहीं जाएंगे. ये बिल्कुल गलत बात है. प्रत्यर्पण के मामले में दो साल से ज्यादा समय भी लग सकता है. इससे स्पष्ट है कि वो India नहीं आना चाहते. शेख हसीना ने कहा है कि वो खुद इस साल दिसंबर में वहां जाना चाहती हैं. इसमें दिक्कत क्या है? हसीना खुद जाना चाहती हैं, लेकिन बांग्लादेश Government चाहती है कि India उनका प्रत्यर्पण करे.”
पूर्व उच्चायुक्त ने कहा, “वहां की अर्थव्यवस्था बहुत खराब है. मुहम्मद यूनुस की Government आई और ट्रेडिंग पैटर्न बदल दिया. इसका सबसे ज्यादा नुकसान बांग्लादेश की कंपनियों को हुआ है. जब लैंडरूट बंद हुए, तो कई कंपनियां और फैक्ट्रियां अपना ऑर्डर पूरा नहीं कर सकी, उसके बाद से कंपनियां बंद हुई. लाखों की तादाद में औरतें, जो रेडिमेड गारमेंट फैक्ट्री में काम करती थीं, बेरोजगार हो गईं. इसलिए वहां बहुत परेशानी है. उन्हें पता है कि India के साथ काम करके ये हालात ठीक हो सकते हैं. उनके वित्त मंत्री ने खुद कहा है कि हमारे हालात बहुत खराब हैं, हमारे बैंक खाली हैं, हमारी ट्रेजरी खाली है. इन सबके लिए वो शेख हसीना को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं. जबकि दो साल हो गए उनकी Government को गए, बजट भी रहमान Government ने पेश किए हैं.”
अमेरिका के President डोनाल्ड ट्रंप ने ‘सेव अमेरिका एक्ट’ को सपोर्ट करने के लिए India की चुनाव प्रणाली का जिक्र किया. इसे लेकर वीणा सिकरी ने कहा, “अमेरिका के President की बहुत अच्छी बातें थीं. वे भारतीय चुनाव आयोग की सराहना कर रहे हैं और बता रहे हैं कि हमने 1.4 अरब लोगों की इतनी बड़ी आबादी के लिए वोटर आईडी कार्ड कैसे बनाए हैं. उन्होंने India के चुनाव आयोग की सराहना की है, जिस पर बेशक हम सभी को बहुत गर्व है.”
उन्होंने आगे कहा कि हमें पता है कि चुनाव आयोग कितने अच्छे से काम कर रहा है और अब President ट्रंप भी सराहना कर रहे हैं. अमेरिका में ऐसा कहा जा रहा है कि वहां जो अमेरिकी नागरिक नहीं हैं, उन्होंने भी मतदान किया है. इसकी वजह से लोगों में काफी असंतुष्टि है. हाल के न्यूयॉर्क के चुनाव में मेयर जोहरान ममदानी को लेकर भी रिपब्लिकन की तरफ से इस तरह के दावे किए गए हैं.
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केके/एबीएम