‘अपराधियों में डर पैदा करने की जरूरत’, दिल्ली में रेप की घटनाओं पर सख्त सुप्रीम कोर्ट, पुलिस को दिए निर्देश

New Delhi, 5 अक्टूबर . Supreme Court ने दिल्ली-एनसीआर में रेप की हालिया घटनाओं पर सख्ती दिखाते हुए दिल्ली Police को अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने दिल्ली Police से कहा है कि आपको अपराध करने की सोच रखने वाले व्यक्ति के मन में डर पैदा करना होगा.

दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते रेप और दूसरे अपराधों पर Supreme Court ने स्वत: संज्ञान लिया है. Monday को इसी ‘सुओ मोटो’ मामले में जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच ने सुनवाई की. कोर्ट ने दिल्ली Police से कहा है कि जरूरत पड़ने पर वे सख्त रुख अपनाएं.

कोर्ट ने टिप्पणी की कि ऐसे लोग भी होंगे जो आर्टिकल 21 की बात करेंगे, यानी वे मानवाधिकार समूह जो अपराधियों के साथ बुरे बर्ताव का विरोध करते हैं. कोर्ट ने कहा कि अधिकारी ऐसे समूहों की परवाह किए बिना, रेप जैसे घिनौने अपराध करने वाले अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकते हैं.

कोर्ट ने दिल्ली Police से कहा कि जब तक आप अपराधियों के मन में यह डर पैदा नहीं करते कि ‘अगर हमने ऐसा कुछ किया तो मारे जाएंगे’, तब तक आप ऐसे अपराधों को रोक नहीं पाएंगे. आपको ऐसे अपराध करने की सोच रखने वाले व्यक्ति के मन में डर पैदा करने की जरूरत है.

जस्टिस जेबी पारदीवाला ने कहा, “दुर्गा पूजा और दिवाली जैसी छुट्टियों के दौरान, ये बदमाश और गुंडे अधिक सक्रिय हो जाते हैं. आपको उनके मन में डर पैदा करना होगा. उन्हें पकड़कर जेल में डालना ही एकमात्र समाधान नहीं है. अफसरों, हालात के मुताबिक अपनी जिम्मेदारी निभाएं. हमें निराश न करें. छेड़छाड़ या रेप का शिकार होने वाली हर महिला और लड़की हमारी बहन और मां के समान है. अपनी जिम्मेदारी निभाएं. इसे एक चुनौती के तौर पर लें. ऐसी घटनाओं को न होने दें.”

सुनवाई के दौरान Supreme Court ने दिल्ली Police से एनसीआर क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा के बारे में जानकारी देते हुए एक एफिडेविट फाइल करने को कहा. मामले में 16 नवंबर को अगली सुनवाई होगी.

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डीसीएच/

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