
Mumbai , 13 जुलाई . Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने Monday को श्रम विभाग को निर्देश दिया कि विभिन्न श्रम कानूनों में किए जा रहे संशोधनों को लागू करते समय व्यापक ‘श्रमिक कल्याण’ को प्राथमिकता दी जाए.
Chief Minister ने ये निर्देश अपने Governmentी आवास ‘वर्षा’ में आयोजित श्रम कानून सुधारों पर एक प्रस्तुति बैठक के दौरान दिए.
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि केंद्र Government के श्रम कानूनों के अनुरूप राज्य के नियमों में बदलाव करते समय Maharashtra के विशेष हितों की सुरक्षा के लिए जरूरी संशोधन किए जाने चाहिए.
बैठक में श्रम मंत्री आकाश फुंडकर मौजूद थे, जबकि श्रम राज्य मंत्री आशीष जायसवाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए.
फडणवीस ने अधिकारियों को प्रस्तावित संशोधनों के हर पहलू की बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए. उन्होंने श्रम अदालतों से मामलों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के पास भेजे जाने के बदलाव पर भी चर्चा की.
उन्होंने अधिकारियों से सीजेएम के पास लंबित श्रम मामलों की जिलेवार रिपोर्ट तैयार कर पेश करने को कहा.
Chief Minister ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रम विवादों के बोझ से अधिक दबाव में न आएं. उन्होंने कहा कि इस पहलू की केंद्र Government के नए श्रम कानूनों के साथ भी जांच की जानी चाहिए और जमीनी स्थिति को समझने के बाद ही निर्णय लिया जाना चाहिए.
विशेष मुद्दों पर चर्चा करते हुए Chief Minister ने कहा कि Maharashtra माथाडी, हमाल और अन्य मैनुअल वर्कर्स एक्ट में सुधार करते समय निर्माण श्रमिकों के लिए दोहरी सदस्यता की समस्या को खत्म करने के कदम उठाए जाने चाहिए.
उन्होंने कहा कि श्रमिकों का पंजीकरण या तो निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के तहत होना चाहिए या माथाडी बोर्ड के तहत, लेकिन दोनों जगह नहीं.
इसके अलावा, केंद्र Government के नए श्रम कानूनों के अनुरूप Chief Minister ने विभाग को असंगठित क्षेत्र के हर वर्ग के लिए अलग-अलग कल्याणकारी योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए. इसमें घरेलू कामगारों को भी शामिल करने को कहा गया है.
श्रम कानूनों में प्रस्तावित संशोधनों का अंतिम मसौदा राज्य मंत्रिमंडल के सामने रखा जाएगा.
Government की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, जिन प्रमुख कानूनों में सुधार की समीक्षा की जा रही है, उनमें Maharashtra माथाडी, हमाल और अन्य मैनुअल वर्कर्स (रोजगार और कल्याण विनियमन) अधिनियम, 1969 और Maharashtra निजी सुरक्षा गार्ड (रोजगार और कल्याण विनियमन) अधिनियम, 1981 शामिल हैं.
इन राज्य कानूनों में भारतीय न्याय संहिता और केंद्र Government के चार नए श्रम संहिताओं के अनुरूप बदलाव किए जा रहे हैं.
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एएमटी/डीकेपी