
New Delhi, 4 जुलाई . Lok Sabha अध्यक्ष ओम बिरला ने Saturday को पश्चिम बंगाल विधान सभा भवन में राज्य के विधायकों के लिए आयोजित दो दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम (प्रबोधन कार्यक्रम) के समापन समारोह को संबोधित किया. स्पीकर बिरला ने social media पर इसकी जानकारी दी.
ओम बिरला ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि प्रत्येक जनप्रतिनिधि संविधान की भावना को समझते हुए लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करे और उत्कृष्टता के साथ अपने विधायी दायित्वों का निर्वहन करे. इसी भावना के साथ नवगठित विधानसभाओं में प्रबोधन कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है.
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से पश्चिम बंगाल की महान भूमि पर दो दिनों तक संसदीय विशेषज्ञों तथा अनुभवी राजनेताओं द्वारा नवनिर्वाचित विधायकों को संसदीय नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई. सदस्य किस तरह से अपने आप को विधायी कार्यों में पारंगत कर जनता का सर्वोत्तम हित सुनिश्चित कर सकते हैं, इस दिशा में प्रशिक्षण दिया गया.
ओम बिरला ने कहा कि अपने संबोधन में राज्य के विधायकों से कहा कि प्रदेश के सबसे बड़े मंच पर आपको अपने क्षेत्र का नेतृत्व करने का अवसर मिला है. पश्चिम बंगाल की जनता ने जिस भरोसे के साथ आपको चुनकर भेजा है, उस भरोसे को मजबूत बनाकर रखें. साधारण व्यक्ति भी अगर कोई आशा, कोई अपेक्षा लेकर आपके पास आता है, तो उसकी गंभीरता समझें, जिम्मेदारी के साथ काम करें. पैरों में चक्कर, मुंह में शक्कर, सीने में आग और सिर में ठंडक रखकर जनप्रतिनिधि की भूमिका निभाएं.
उन्होंने कहा कि इसी के साथ मजबूत तर्कों और तथ्यों के साथ सदन में अपनी बात रखें, सदन को व्यवधान-रहित मंच बनाने की दिशा में काम करें. तार्किकता और गरिमा के साथ जब एक विधायक कोई विषय उठाता है, तो Government उसे सकारात्मक रूप से लेती है, और उससे समाधान का रास्ता निकलता है, तथा राज्य का विकास होता है. इस तरह प्रत्येक विधायक राज्य की नीतियों, कार्ययोजना, कानून निर्माण में सार्थक योगदान दे सकते हैं.
उन्होंने कहा कि आज स्वामी विवेकानंद जी की पुण्यतिथि पर युवा एवं पहली बार चुने गए विधायकों का आह्वान किया कि विवेकानंद जी के जीवन से प्रेरणा लेकर अथाह ऊर्जा व सामर्थ्य के साथ अपने क्षेत्र और प्रदेश की प्रगति में जुट जाएं. विकसित पश्चिम बंगाल के साथ विकसित India के संकल्प को साकार करें.
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एमएस/