
लंदन, 27 जून . ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा एजेंसी, यूकेएमटीओ ने Saturday को बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक तेल टैंकर को “अज्ञात प्रोजेक्टाइल” से निशाना बनाया गया, जिससे जहाज को नुकसान पहुंचा है.
एजेंसी के अनुसार, हमले में टैंकर के ब्रिज को नुकसान हुआ है, हालांकि जहाज पर सवार सभी चालक दल सुरक्षित बताए गए हैं. ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा फर्म वैनगार्ड टेक ने बताया कि यह पनामा के ध्वज वाला टैंकर “किकु” है.
अमेरिका-ईरान के बीच होर्मुज को लेकर बढ़ते तनाव ने मध्य एशिया संकट को बढ़ा दिया है. सिंगापुर के कार्गो शिप ‘एमवी एवर लवली’ पर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के कथित ड्रोन हमले के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने ईरान के कई मिसाइल-ड्रोन ठिकानों और तटीय रडार साइट्स को निशाने पर लिया.
इसके बाद, ईरान की Governmentी न्यूज एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक (आईआरजीसी) की नौसेना ने दावा किया है कि उसने जवाब में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है.
वहीं, Saturday को ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी मेहर ने होर्मोजगान के पूर्वी क्षेत्र में बंदरगाह प्राधिकरण के प्रमुख के हवाले से कहा कि सिरिक बंदरगाह पर अमेरिकी हमलों के बाद किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ.
बहरीन विदेश मंत्रालय ने भी दोपहर बाद ईरानी ड्रोन हमले की पुष्टि की. मंत्रालय ने इसे बहरीन की संप्रभुता का स्पष्ट उल्लंघन, नागरिकों और निवासियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा तथा अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन बताया है.
बयान में कहा गया कि यह हमला ऐसे समय हुआ है जब क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम करने के प्रयास जारी हैं. मंत्रालय ने आरोप लगाया कि ईरानी कार्रवाई शांति प्रयासों को कमजोर करती है और क्षेत्रीय सुरक्षा व स्थिरता को अस्थिर करने की नीति को दर्शाती है.
वहीं, कुवैत के विदेश मंत्रालय ने भी बहरीन पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए बयान जारी किया. कुवैत ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया. बहरीन के प्रति पूर्ण एकजुटता व्यक्त करते हुए कुवैत ने कहा कि वह उसकी सुरक्षा और स्थिरता की रक्षा के लिए उठाए गए सभी कदमों का समर्थन करता है.
दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपील की है कि वह इस मामले में जिम्मेदारी निभाए और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता सुनिश्चित करे.
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केआर/