यूजीसी-नेट परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप, एनटीए कार्यालय के बाहर एनएसयूआई का प्रदर्शन

New Delhi, 17 अगस्त . यूजीसी-एनईटी परीक्षा में गड़बड़ियों और परीक्षा व्यवस्था को लेकर एनएसयूआई ने Monday को दिल्ली स्थित एनटीए कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन में एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ समेत बड़ी संख्या में छात्र और कार्यकर्ता शामिल हुए.

एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि सोशियोलॉजी, इंग्लिश और कॉमर्स समेत कई विषयों की परीक्षाओं को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं. उन्होंने दावा किया कि कॉमर्स के प्रश्नपत्र में अनियमितताएं सामने आई हैं और कुछ प्रश्न वर्ष 2024 के प्रश्नपत्रों से दोबारा पूछे गए.

उन्होंने कहा कि नीट के छात्र भी परीक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर विरोध कर चुके हैं और अब एनईटी अभ्यर्थी भी एनटीए को लेकर सवाल उठा रहे हैं. जाखड़ ने आरोप लगाया कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.

जाखड़ ने कहा कि राहुल गांधी लगातार छात्रों की आवाज उठा रहे हैं, लेकिन Government इन मुद्दों पर सदन में चर्चा करने के लिए तैयार नहीं है. देशभर के युवा और छात्र परीक्षा व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. हम छात्रों को न्याय दिलाने और एनटीए की जवाबदेही तय कराने की लड़ाई जारी रखेंगे.

प्रदर्शन में शामिल एक महिला प्रदर्शनकारी ने भी छात्रों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखने की बात कही. उन्होंने कहा कि हमें अपने अधिकारों की जानकारी है. हम किसी से डरने वाले नहीं हैं. नारी शक्ति पीछे नहीं हटेगी और हम आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए अपनी आवाज उठाते रहेंगे.

एनएसयूआई ने भाजपा Government की परीक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए. संगठन का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में होने वाली कथित गड़बड़ियों और बाद में परीक्षाएं रद्द होने का सबसे बड़ा नुकसान छात्रों को उठाना पड़ता है. भाजपा Government की नाकाम परीक्षा व्यवस्था का खामियाजा आखिर छात्र क्यों भुगतें. पहले यूजीसी एनईटी की परीक्षा कराई गई और करीब दो महीने बाद उसे रद्द कर दिया गया. यह छात्रों की वर्षों की मेहनत, समय और भविष्य के साथ सरासर अन्याय है.

आगे मांग की गई है कि जब तक एनटीए को बैन नहीं कर दिया जाता है, एनएसयूआई का संघर्ष जारी रहेगा.

डीकेएम/वीसी

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