
New Delhi, 18 अगस्त . बांग्लादेश में India की पूर्व उच्चायुक्त वीणा सिकरी ने कहा है कि Prime Minister तारिक रहमान की Government शेख हसीना के दिसंबर तक देश लौटने के ऐलान से डरी हुई है. उनके मुताबिक, अवामी लीग की बढ़ती लोकप्रियता की वजह से ही ढाका India से दूरी बना रहा है और India के न्योते का 6 महीने से जवाब नहीं दे रहा.
उन्होंने कहा कि शेख हसीना को बहाना बनाकर रहमान Government India आने से बच रही है, जबकि प्रत्यर्पण पूरी तरह कानूनी मामला है. पूर्व राजनयिक ने यह भी कहा कि तारिक रहमान खुद कभी शेख हसीना के खिलाफ बोलते थे, लेकिन सत्ता में आते ही उनका रुख बदल गया है.
पूर्व हाई कमिश्नर ने कहा, “Prime Minister तारिक रहमान को India आने का न्योता छह महीने पहले, फरवरी 2026 में दिया गया था, जब उन्होंने Prime Minister के तौर पर शपथ ली थी. मुझे लगता है कि India Government की तरफ से पीएम तारिक रहमान को Prime Minister बनने के बाद मिला पहला न्योता था, और हम छह महीने से जवाब का इंतजार कर रहे हैं. कुछ हफ्ते पहले, हमने बिम्सेटक के चेयरमैन के तौर पर उन्हें ब्रिक्स समिट के लिए दूसरा न्योता दिया था.”
उन्होंने आगे कहा, “मुहम्मद यूनुस के कार्यकाल में अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाए जाने पर तारिक रहमान ने कहा था कि हम किसी भी पार्टी पर लगाए जाने वाले प्रतिबंध का समर्थन नहीं करते हैं. पार्टी सक्रिय रहनी चाहिए. अगर लोग पसंद नहीं करेंगे, तो उस पार्टी के लिए वोट नहीं करेंगे. जब रहमान लंदन में रहते थे, तो वह अक्सर Political रैली को वीडियो के माध्यम से संबोधित करते थे. वह Government के खिलाफ सभी तरह की टिप्पणी करते थे. शेख हसीना ने कभी भी उन पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया.”
वीणा सिकरी ने कहा कि रहमान के Prime Minister बनते ही, इस तरह की कार्रवाई हो रही है. वह India में नहीं आने के पीछे शेख हसीना को एक वजह के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं. पहले ऐसी चर्चा थी कि 20-22 अगस्त तक रहमान India आ सकते हैं. हालांकि, अचानक से शेख हसीना की 5 अगस्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद इसे एक मुद्दा बनाया जा रहा है. प्रत्यर्पण एक कानूनी मामला है, जिसमें लंबा वक्त लगता है. बांग्लादेश की Government डर गई है. शेख हसीना ने ऐलान किया कि वह दिसंबर तक अपने देश वापस लौट जाएंगी. इसकी वजह से ही रहमान Government डर गई है. उन्हें पता है कि अवामी लीग काफी लोकप्रिय है और उनकी लोकप्रियता हर दिन बढ़ रही है.
मेजर जनरल (रिटायर्ड) ध्रुव कटोच ने कहा, “सबसे पहले, मुझे लगता है कि अभी माहौल बिल्कुल सही है. अगर बांग्लादेश सुधार चाहता है, तो यह बांग्लादेश पर है. अगर वे संबंध सुधारना चाहते हैं, तो उन्हें वहां अपनी स्थिति सुधारनी चाहिए. जहां तक शेख हसीना के प्रत्यर्पण की बात है, तो यह किसी भी हालत में नहीं होगा. शेख हसीना ने यहां शरण ली है और जब तक वह चाहेंगी, वह यहीं रहेंगी. अगर बांग्लादेश, चीन-Pakistan के साथ अपनी दोस्ती मजबूत करना चाहता है, तो यह उसकी मर्जी है. बस एक ही बात है कि उसे India के मामलों में दखल नहीं देना चाहिए. हम चाहते हैं कि हमारी सीमा सुरक्षित रहे, किसी भी हालत में.”
India में बांग्लादेश के उच्चायुक्त एम. रियाज हमीदुल्लाह ने दोनों देशों के बीच संबंध को लेकर कहा, “बहुत सारी समस्या हैं, लेकिन हर चुनौती या कमी मिलकर काम करने का एक मौका है. बहुत सारे एमओयू पर हस्ताक्षर हो रहे हैं और आम लोग उच्चायुक्त या राजदूत से पूछ रहे हैं, ‘मैं इससे कैसे जुड़ सकता हूं?’”
उच्चायुक्त एम. रियाज हमीदुल्लाह ने कहा, “मैं उस चिट्ठी का जिक्र कर रहा हूं जो Prime Minister तारिक रहमान ने 26 फरवरी को India Government को लिखा था, जहां पैराग्राफ तीन में तीन उदाहरण हैं. एक वह था जब उन्होंने कहा, ‘आम लोगों की उम्मीदें’ आम अंडरलाइन किया हुआ. वह आसानी से ‘लोग’ कह सकते थे. उन्होंने ‘आम’ का इस्तेमाल क्यों किया? ‘हमारे कोऑपरेटिव एंगेजमेंट को फिर से मजबूत करें.’ वह आसानी से ‘कोऑपरेशन’ या ‘हमारे एंगेजमेंट’ कह सकते थे. ‘कोऑपरेटिव एंगेजमेंट’ क्यों?”
उन्होंने कहा कि लोगों के बीच जुड़ाव वाली बात अब बहुत रटी-रटाई लगने लगी है. हम सहयोग के मामले में ज्यादा अटके हुए हैं, सहकारिता के मामले में नहीं. हमारे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था लगभग 95-99 फीसदी प्राइवेट सेक्टर पर निर्भर है.
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केके/एबीएम