
Bengaluru, 4 मार्च . कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता (एलओपी) आर. अशोक ने Wednesday को आरोप लगाया कि कर्नाटक Government कर्नाटक सिल्क इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन (केएसआईसी) की टी. नरसिपुरा यूनिट की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने दावा किया कि इस कदम से मशहूर मैसूर सिल्क ब्रांड का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा.
एक बयान में, अशोक ने आरोप लगाया कि राज्य Government एक इंटरनल टेक्निकल रिपोर्ट में उठाए गए एतराज के बावजूद, टी. नरसिपुरा में केएसआईसी यूनिट के विस्तार के लिए तय की गई पांच एकड़ जमीन पर तालुक स्टेडियम बनाने के लिए कब्जा करना चाह रही है.
अशोक के मुताबिक, केएसआईसी के मैनेजिंग डायरेक्टर ने एक डिटेल्ड रिपोर्ट जमा की थी जिसमें कहा गया था कि कॉर्पोरेशन के भविष्य के विस्तार प्लान के लिए पांच एकड़ जमीन जरूरी है, जिसमें एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ईटीपी) लगाना और प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाना शामिल है. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट ऑपरेशनल डेटा और इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों पर आधारित थी.
यह आरोप लगाते हुए कि Government एक्सपर्ट की सलाह को नजरअंदाज कर रही है, अशोक ने प्रस्तावित जमीन अधिग्रहण के पीछे के कारण पर सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि एक फायदेमंद और ज्यादा डिमांड वाली पब्लिक सेक्टर कंपनी को कमजोर क्यों किया जा रहा है और इस फैसले से किसके फायदे हो रहे हैं.
उन्होंने टी. नरसिपुरा यूनिट के ऑपरेशन पर पड़ने वाले असर के बारे में भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि इस फैसिलिटी को सिल्क रीलिंग एक्टिविटीज के लिए हर दिन लगभग पांच लाख लीटर पानी की जरूरत होती है, और अधिकारियों ने चेतावनी दी थी कि प्रस्तावित कंस्ट्रक्शन से जरूरी पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर में रुकावट आ सकती है, जिससे प्रोडक्शन पर असर पड़ सकता है.
उन्होंने कहा कि सैकड़ों मजदूर और हजारों रेशम किसान अपनी रोजी-रोटी के लिए इस यूनिट पर निर्भर हैं.
अशोक ने आगे बताया कि फैक्टरी रेगुलेशन के अनुसार कम से कम 30 प्रतिशत इंडस्ट्रियल जमीन को ग्रीन जोन के तौर पर बनाए रखना जरूरी है. उन्होंने दावा किया कि जमीन के एरिया में कोई भी कमी, रेगुलेटरी नियमों का पालन न करने और ऑपरेशनल शटडाउन के रिस्क का कारण बन सकती है.
मैसूर सिल्क को मैसूर वोडेयार के जमाने में बना एक जीआई-टैग वाला हेरिटेज ब्रांड बताते हुए और इसकी क्वालिटी और असली होने के लिए दुनिया भर में पहचाने जाने वाले अशोक ने कहा कि Government को इस इंस्टीट्यूशन को कमजोर करने के बजाय इसे मजबूत और मॉडर्न बनाने पर ध्यान देना चाहिए.
उन्होंने राज्य Government से प्रस्तावित कदम वापस लेने और केएसआईसी और मैसूर सिल्क के भविष्य को सुरक्षित करने की अपील की. अशोक ने यह मामला Prime Minister कार्यालय (पीएमओ), केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के संज्ञान में भी लाया है.
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एससीएच