पाक सरकार की ताजा ईंधन मूल्य वृद्धि को ‘आर्थिक आत्महत्या’ बताया गया

इस्लामाबाद, 25 अप्रैल . Pakistan की मानवाधिकार परिषद (एचआरसी) ने Saturday को पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी की कड़ी निंदा करते हुए इसे आम जनता पर किया गया “आर्थिक आत्मघाती हमला” करार दिया.

यह प्रतिक्रिया तब आई जब Pakistan Government ने अगले सप्ताह के लिए पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) की कीमतों में 26.77 Pakistanी रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की. ऊर्जा मंत्रालय (पेट्रोलियम डिवीजन) की अधिसूचना के अनुसार, नई दरें Saturday से लागू हो गई हैं.

Pakistan के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने कहा कि क्षेत्रीय तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल कीमतों में फिर उछाल आया है. उन्होंने कहा कि बढ़ती कीमतों और वैश्विक साझेदारों के साथ हुए समझौतों के दबाव के कारण Government को यह बोझ जनता पर डालना पड़ रहा है.

मानवाधिकार परिषद ने इस फैसले पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि पेट्रोल की कीमतों में बार-बार वृद्धि केवल आंकड़ों का बदलाव नहीं, बल्कि उस महंगाई के तूफान को न्योता देना है जिसने पहले ही आम आदमी की कमर तोड़ दी है.

परिषद ने कहा कि सम्मानजनक जीवन जीना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है. परिवहन, दवाइयों और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी गरीब और मध्यम वर्ग को गरीबी रेखा से नीचे धकेलने के समान है.

एचआरसी ने कहा कि Government का पहला दायित्व जनता का कल्याण सुनिश्चित करना है, न कि लोगों को असहनीय बोझ तले दबाना. परिषद ने Government से इस “दमनकारी फैसले” की तत्काल समीक्षा करने और आम जनता को सीधी राहत देने के लिए आपात कदम उठाने की मांग की.

परिषद की चेयरपर्सन के हवाले से कहा गया कि Government जनता की आवाज सुने और गरीब समर्थक आर्थिक नीतियां बनाए, न कि जनविरोधी फैसले ले. उन्होंने कहा कि अभिजात वर्ग को मिलने वाली सुविधाएं कम की जाएं ताकि आम नागरिक को राहत मिल सके.

गौरतलब है कि इससे पहले इसी महीने Pakistan Government ने ईंधन कीमतों में भारी बढ़ोतरी की थी, जिसमें पेट्रोल 43 प्रतिशत और हाई-स्पीड डीजल 55 प्रतिशत महंगा किया गया था.

डीएससी

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