
अमरावती, 10 अगस्त . आंध्र प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 17 अगस्त से प्रारंभ होगा. Governor जस्टिस एस. अब्दुल नजीर ने राज्य विधानसभा और विधान परिषद के सत्र बुलाने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है.
Monday को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, विधानसभा की कार्यवाही 17 अगस्त को सुबह 9 बजे शुरू होगी. राज्य विधान परिषद का सत्र उसी दिन सुबह 10 बजे शुरू होगा.
विपक्षी दल वाईएसआर कांग्रेस पार्टी विधानसभा सत्र से दूर रह सकती है, क्योंकि वह अपने नेता और पूर्व Chief Minister वाईएस जगन मोहन रेड्डी के लिए ‘विपक्ष के नेता’ का दर्जा चाहती है.
वाईएसआरसीपी 2024 के चुनाव में टीडीपी के नेतृत्व वाले एनडीए से सत्ता हार गई थी. वाईएसआरसीपी के पास 175 सदस्यों वाली विधानसभा में केवल 11 सदस्य हैं.
हालांकि, वाईएसआरसीपी के पास विधान परिषद में बहुमत है. एनडीए Government को विभिन्न मुद्दों पर घेरने के लिए उच्च सदन की कार्यवाही में शामिल होगी. जगन मोहन रेड्डी पहले ही कह चुके हैं कि जब तक उन्हें ‘विपक्ष के नेता’ का दर्जा नहीं दिया जाता, तब तक विधानसभा सत्र में शामिल होने का कोई मतलब नहीं है.
उन्होंने दोहराया कि जब तक उचित दर्जा नहीं दिया जाता, तब तक विधानसभा सत्र में शामिल होने का कोई फायदा नहीं है. उन्होंने कहा कि पार्टी को लोगों के मुद्दे उठाने के लिए तभी पर्याप्त समय मिलेगा जब उसे मुख्य विपक्षी दल का दर्जा मिलेगा.
उन्होंने कहा कि विपक्षी दल को लोगों की आवाज उठानी चाहिए. अगर वे लोकतंत्र का सम्मान नहीं करते हैं तो यह उनकी समझ की कमी है. ‘विपक्ष के नेता’ का दर्जा देने का मामला हाई कोर्ट में लंबित है. जगन मोहन रेड्डी ने जुलाई 2024 में एक याचिका दायर की थी, जिसमें राज्य Government को उन्हें ‘विपक्ष के नेता’ के रूप में नामित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी.
इस बीच, वाईएसआरसीपी एमएलसी पर्वथारेड्डी चंद्रशेखर रेड्डी ने कहा कि पार्टी विधान परिषद में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाएगी.
वाईएसआरसीपी पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन कर रही है और ‘मेगा डीएससी-2025 घोटाले’ की तत्काल सीबीआई जांच और पारदर्शी व स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे की मांग कर रही है.
एमएलसी ने साफ किया कि वाईएसआरसीपी न तो डीएससी (डिस्ट्रिक्ट सिलेक्शन कमिटी) परीक्षा रद्द करने की मांग कर रही है और न ही पहले से नियुक्त उम्मीदवारों को हटाने की, बल्कि वे सिर्फ गड़बड़ियों की पूरी जांच और योग्य उम्मीदवारों के लिए न्याय चाहते हैं.
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एएसएच/डीकेपी