
New Delhi, 5 जून . दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में ‘फ्लोरिश स्टे बीएंडबी’ नाम की बहुमंजिला इमारत में लगी आग में घायल हुए दो विदेशी नागरिकों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. इस घटना में 21 लोगों की मौत हो गई थी.
साकेत स्थित मैक्स हॉस्पिटल के बयान के मुताबिक, दक्षिण दिल्ली के इस अस्पताल में अभी कुल 15 मरीज भर्ती हैं. इनमें से 13 विदेशी हैं.
बयान में कहा गया है कि आग में घायल जो लोग अभी अस्पताल में भर्ती हैं, उनके अलावा दो और घायल विदेशी नागरिकों को घटना वाले दिन यानी 3 जून को दूसरे अस्पताल से यहां के इमरजेंसी डिपार्टमेंट में लाया गया था. इन दोनों मरीजों को 4 जून की शाम को छुट्टी दे दी गई.
अधिकारियों ने बताया कि अभी छह मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं. हालांकि, वेंटिलेटर पर मौजूद सभी मरीजों की हालत में सुधार हो रहा है और वे स्थिर हैं. इसमें आगे कहा गया है कि कुल नौ मरीज आईसीयू और वार्ड में भर्ती हैं.
अस्पताल ने कहा, “भर्ती सभी मरीजों की हालत स्थिर है. अभी कोई भी मरीज बहुत ज्यादा गंभीर स्थिति में नहीं है.”
इसके अलावा, मैक्स हॉस्पिटल ने बताया कि मरीजों को लगी चोटों की प्रकृति और गंभीरता अलग-अलग है.
अस्पताल ने कहा, “भर्ती सभी मरीज ठीक हो रहे हैं और अस्पताल उन्हें बेहतर से बेहतर इलाज और नियमित निगरानी दे रहा है ताकि अच्छे नतीजे मिल सकें.”
इससे पहले अधिकारियों ने बताया था कि इमारत से 47 लोगों को बचाया गया था और घायलों का इलाज चल रहा है.
इस बीच, ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) दिल्ली में भी कई घायल लोग लाए गए थे, जिनमें वे Policeकर्मी भी शामिल थे जो आग लगी इमारत में सबसे पहले पहुंचे थे.
अधिकारियों ने Thursday को बताया कि Wednesday को हुई इस घटना के बाद प्रॉपर्टी के मालिक लवकेश बजाज को चार दिन की Police कस्टडी में भेज दिया गया है.
Police ने बताया कि बजाज को पिछले साल भी बांग्लादेशी नागरिक एक महिला, उसकी बेटी और उसके नाबालिग पोते की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उसने जाली दस्तावेज बनवाकर उन्हें देश में तय समय से ज्यादा समय तक रहने में मदद की थी.
–
एएसएच/डीकेपी