
Patna, 5 जून . बिहार विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) द्वारा उम्मीदवारों की घोषणा और गठबंधन की रणनीति को लेकर राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि जेडीयू और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों ने अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है और इसमें सामाजिक संतुलन का पूरा ध्यान रखा गया है.
राजीव रंजन ने बताया कि जेडीयू की सूची में Chief Minister नीतीश कुमार के महिला सशक्तिकरण के संदेश को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है. पार्टी ने अपनी सूची में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया है, जिससे आधी आबादी की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है. उन्होंने कहा कि यह कदम केवल Political नहीं बल्कि सामाजिक रूप से भी महत्वपूर्ण है.
उन्होंने बताया कि पार्टी ने समाज के कमजोर और उपेक्षित वर्गों को भी प्राथमिकता दी है. उम्मीदवार चयन में अति पिछड़ा वर्ग और पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व को विशेष रूप से शामिल किया गया है. उन्होंने बताया कि जेडीयू की ओर से घोषित उम्मीदवारों में निशांत कुमार का नाम भी शामिल है, जिन्हें एक लोकप्रिय युवा नेता के रूप में देखा जा रहा है. इसके अलावा डॉ. भारती मेहता, जो पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता हैं, और शिवानी प्रजापति, जो पश्चिम चंपारण जिला परिषद अध्यक्ष रह चुकी हैं, को भी उम्मीदवार बनाया गया है. वहीं ललन प्रसाद को भी सूची में स्थान मिला है.
राजीव रंजन ने कहा कि इन सभी नामों का चयन पार्टी की संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखकर किया गया है. उन्होंने दावा किया कि घटक दलों के बीच आपसी सहमति और समन्वय के साथ यह निर्णय लिया गया है, जिससे गठबंधन की एकजुटता भी दिखाई देती है.
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी, जनता दल यूनाइटेड और अन्य जो भी घटक दल हैं, सामाजिक संरचना का संतुलन साधा गया है. पूरे समन्वय और सामंजस्य के साथ घटक दलों के परस्पर सहमति से उम्मीदवारों की जो घोषणा है, उससे बिल्कुल स्पष्ट है कि समाज के सभी वर्गों के हितों की रक्षा की गई है.
वहीं, उन्होंने Patna में कोचिंग संस्थानों से जुड़े विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी. राजीव रंजन ने कहा कि खान सर और ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद के बीच चल रहे विवाद को लेकर उन्होंने कहा कि रोशन आनंद के जेल जाने के बाद अब खान सर के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज हो गई है. Patna Police जांच कर रही है. जो लोग भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी.
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पीआईएम/डीकेपी