
Mumbai , 21 जून . Maharashtra के उपChief Minister एकनाथ शिंदे ने Sunday को कहा कि महायुति Government ने किसानों, महिलाओं, मजदूरों, युवाओं और आम नागरिकों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य के समग्र विकास के लिए कई रिकॉर्ड फैसले लिए हैं.
उन्होंने कहा कि Maharashtra ने कर्जमाफी, किसानों को आर्थिक सहायता, लाडकी बहिन योजना, औद्योगिक निवेश, मेट्रो नेटवर्क, हवाई अड्डों, राजमार्गों, बंदरगाहों और आवास जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है.
उन्होंने विपक्ष से बहिष्कार की राजनीति छोड़कर विधानसभा में रचनात्मक चर्चा में भाग लेने की अपील की.
उपChief Minister शिंदे विधानसभा के मानसून सत्र की पूर्व संध्या पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे.
विपक्ष के रवैये पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र राज्य के लोगों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और उन्हें न्याय दिलाने के लिए होता है, लेकिन विपक्ष लगातार बहिष्कार को Political हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है.
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ”ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बावजूद युद्धविराम हो गया, लेकिन विपक्ष का बहिष्कार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा.”
उन्होंने कहा कि Government हर सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है और विपक्ष को सदन में आकर बहस में हिस्सा लेना चाहिए.
उन्होंने स्पष्ट किया कि Government मानसून की तैयारियों, किसानों की समस्याओं, विकास परियोजनाओं और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा चाहती है.
शिंदे ने कहा कि Chief Minister देवेंद्र फडणवीस पहले ही किसानों, बारिश और अन्य मुद्दों पर विस्तृत आंकड़े पेश कर चुके हैं, जो Government की पारदर्शी कार्यशैली को दर्शाता है.
विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि महायुति Government ने राज्य के इतिहास में पहली बार इतने बड़े स्तर पर किसानों को आर्थिक सहायता दी है. Government ने 36,585 करोड़ रुपए की कर्जमाफी योजना और 2022 में 15,000 करोड़ रुपए का राहत पैकेज लागू किया है. समय पर फसल ऋण चुकाने वाले किसानों को 50,000 रुपए का प्रोत्साहन बोनस भी दिया गया है.
उन्होंने कहा, ”महाविकास अघाड़ी Government के समय लंबित कई मामलों में हमने किसानों को न्याय दिलाया है. किसानों की मदद करने में Government कभी पीछे नहीं हटी.”
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) के मानकों से अधिक सहायता दी गई और पात्रता सीमा को दो हेक्टेयर तक बढ़ाया गया.
घोंघों के प्रकोप, लगातार बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान के लिए भी किसानों को मुआवजा दिया गया.
उन्होंने कहा, ”राज्य के खजाने पर पहला अधिकार किसानों का है. किसान हमारे अन्नदाता हैं और उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ा जाएगा.”
शिंदे ने कहा कि एल-नीनो प्रभाव के कारण किसानों को अतिरिक्त सहायता की जरूरत है.
बुवाई को लेकर उन्होंने किसानों को जल्दबाजी न करने और कृषि विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी, ताकि दोबारा बुवाई जैसी समस्या से बचा जा सके.
उन्होंने अच्छे मानसून की उम्मीद जताते हुए कहा कि इससे किसानों को राहत मिलेगी.
उपChief Minister ने बताया कि Mumbai -पुणे मिसिंग लिंक परियोजना का उद्घाटन हो चुका है और ग्रामीण जलापूर्ति नीति लागू की गई है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में 3,500 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया जा रहा है.
विरार-अलीबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर और 23,487 करोड़ रुपए की मेट्रो परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है.
इसके अलावा 424 शहरों को लाभ पहुंचाने वाली पुनर्वास नीति पर भी काम चल रहा है. Governmentी कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभागों की संख्या बढ़ाकर 46 कर दी गई है.
शिंदे ने कहा कि 90,000 करोड़ रुपए के औद्योगिक निवेश को बढ़ावा दिया गया है, जिससे लगभग 20,000 रोजगार सृजित होने की उम्मीद है.
उन्होंने बताया कि विकसित India के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के लिए राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) नीति भी लागू की जाएगी. Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में Maharashtra के विकास को नई गति मिली है और 2014 के पहले तथा बाद के विकास में बड़ा अंतर दिखाई देता है.
उन्होंने बताया कि केंद्र Government ने Maharashtra के लिए कई बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनमें 76,000 करोड़ रुपए की वधावन बंदरगाह परियोजना भी शामिल है, जिसे विश्वस्तरीय बंदरगाह के रूप में विकसित किया जाएगा.
लाडकी बहिन योजना पर उन्होंने कहा कि यह योजना बंद नहीं होगी और पात्र महिलाओं को इसका लाभ मिलता रहेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल उन मामलों में की जा रही है, जहां गलत तरीके से लाभ लिया गया है.
उन्होंने कहा, ”योग्य लाडकी बहिनों को किसी भी स्थिति में योजना से वंचित नहीं किया जाएगा.”
उन्होंने बताया कि कर्जमाफी योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया जारी है, जिससे यह साबित होता है कि Government अपने वादों पर कायम है.
विपक्ष पर निशाना साधते हुए शिंदे ने कहा कि स्थानीय निकाय, नगर निगम और अन्य चुनावों में महायुति की सफलता Government के कामकाज का परिणाम है. उन्होंने कहा कि विधान परिषद चुनाव में विपक्षी उम्मीदवारों के नाम वापस लेने से विपक्ष को आत्ममंथन करने की जरूरत है.
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एएमटी/वीसी