
Bhopal , 2 जून . मशहूर उर्दू शायर और पद्मश्री सम्मानित बशीर बद्र के निधन के बाद Madhya Pradesh Government ने उनकी साहित्यिक विरासत को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है. राज्य Government ने बशीर बद्र के नाम पर एक साहित्य सम्मान स्थापित करने की घोषणा की है.
यह घोषणा Tuesday को Madhya Pradesh के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने Bhopal की ईदगाह कॉलोनी स्थित बशीर बद्र के निवास पर पहुंचकर की. इस दौरान उन्होंने शायर के परिवार से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की. मंत्री ने बशीर बद्र की पत्नी राहत बद्र और बेटे तैयब बद्र से भी बातचीत की और उनके साहित्यिक योगदान को याद किया.
धर्मेंद्र सिंह लोधी ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि प्रसिद्ध शायर और पद्मश्री सम्मानित बशीर बद्र के निधन के बाद उन्होंने उनके घर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की, उनसे जुड़ी स्मृतियों को देखा और परिवार के सदस्यों को सांत्वना दी. उन्होंने बताया कि Chief Minister मोहन यादव से चर्चा के बाद Madhya Pradesh Government ने बशीर बद्र के नाम पर एक साहित्य सम्मान शुरू करने का निर्णय लिया है.
Government द्वारा प्रस्तावित यह सम्मान उर्दू कविता और साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले रचनाकारों को दिया जाएगा. इसका उद्देश्य बशीर बद्र की साहित्यिक धरोहर को जीवित रखना और उर्दू साहित्य को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है.
परिवार से मुलाकात के दौरान मंत्री लोधी ने बशीर बद्र के जीवन, संघर्ष और साहित्यिक सफर पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि बशीर बद्र की शायरी केवल शब्दों का संग्रह नहीं थी, बल्कि उसमें इंसानी भावनाओं, प्रेम, संवेदनाओं और रिश्तों की गहरी झलक दिखाई देती थी.
मंत्री ने उनकी कई लोकप्रिय गजलों और अशआर का जिक्र करते हुए कहा कि बशीर बद्र ने उर्दू शायरी को नई पहचान और नई ऊंचाइयां दीं. उनकी रचनाएं आज भी करोड़ों लोगों के दिलों को छूती हैं.
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