मध्य प्रदेश सरकार ने 27,000 मजदूर परिवारों को 600 करोड़ रुपए दिए, फैक्ट्रियों के लिए ‘श्रम स्टार’ रेटिंग को बढ़ावा दिया

Bhopal , 29 अप्रैल . श्रम शक्ति के लिए सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, Chief Minister मोहन यादव ने संगठित और असंगठित, दोनों ही क्षेत्रों के श्रमिकों के समग्र कल्याण के उद्देश्य से कई ऐतिहासिक पहलों की घोषणा की.

Thursday को Bhopal में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम के दौरान, Chief Minister ने ‘Chief Minister जन कल्याण संबल योजना’ के तहत 27,000 से ज्यादा मजदूर परिवारों के बैंक खातों में सीधे 600 करोड़ रुपए की अनुग्रह राशि ट्रांसफर करने के लिए एक सिंगल-क्लिक डिजिटल ट्रांजैक्शन किया.

Chief Minister ने कहा कि अब इस योजना का लाभ ‘गिग वर्कर्स’ (अस्थायी या कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले मजदूरों) को भी दिया जाएगा.

यह भारी-भरकम आर्थिक मदद राज्य Government की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत वह अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले लोगों को तत्काल राहत और लंबे समय तक चलने वाला सहयोग देना चाहती है.

संबल योजना का एक अहम विस्तार अब ‘गिग’ और ‘प्लेटफॉर्म वर्कर्स’ को भी इसमें शामिल करता है, जो राज्य के इतिहास में पहली बार हुआ है.

Chief Minister यादव ने बताया कि 3,529 ‘गिग वर्कर्स’, जो आज की आधुनिक डिलीवरी और सेवा अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाते हैं, अब सामाजिक सुरक्षा लाभ पाने के हकदार हो गए हैं.

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम यह सुनिश्चित करें कि असंगठित क्षेत्र का हर पात्र मजदूर राज्य की सुरक्षा पाने के लिए पंजीकृत हो.

इसके अलावा, Chief Minister ने एक अनोखी ‘श्रम स्टार रेटिंग प्रणाली’ की शुरुआत की. यह एक नया तरीका है, जिसे औद्योगिक संस्थानों का मूल्यांकन करने के लिए डिजाइन किया गया है. इस मूल्यांकन का आधार यह होगा कि वे श्रम कानूनों का कितना पालन करते हैं और अपने मजदूरों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति कितने प्रतिबद्ध हैं.

अभी तक 554 कारखानों ने अपनी मर्जी से इस प्रणाली को अपनाया है. इसका मकसद उन व्यवसायों की विश्वसनीयता को बढ़ाना है, जो अपने कर्मचारियों को प्राथमिकता देते हैं.

यादव ने नागरिकों और मज़दूर संगठनों से अपील की कि वे उन संस्थानों के उत्पादों और सेवाओं को प्राथमिकता देकर इस पहल का समर्थन करें, जिनकी ‘श्रम रेटिंग’ अच्छी है. ऐसा करके वे नैतिक रोज़गार प्रथाओं के लिए बाजार में एक प्रोत्साहन पैदा करेंगे.

श्रम मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने बताया कि 2018 में इन कल्याणकारी प्रयासों की शुरुआत के बाद से अब तक 18 मिलियन (1.8 करोड़) से ज्यादा मजदूरों का पंजीकरण हो चुका है, और कुल 7,720 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि वितरित की जा चुकी है.

राज्य Government मजदूरों के अधिकारों को और भी ज्यादा सुव्यवस्थित बनाने के लिए, केंद्र Government द्वारा लाए गए चार नए ‘श्रम संहिताओं’ के अनुरूप अपने नियमों को ढालने की तैयारी भी कर रही है.

बालाघाट, धार, सागर, जबलपुर और खरगोन जैसे जिलों को इन कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए सराहा गया.

एससीएच

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