
Bhopal , 8 जून . Madhya Pradesh की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए मुकाबला क्रॉस-वोटिंग का एक रोमांचक खेल बन गया है. इस बीच, भाजपा ने महेश केवट को अप्रत्याशित रूप से अपना उम्मीदवार बनाया है.
पहली दो सीटों के बाद केवल लगभग 48 वोट शेष बचे हैं, ऐसे में भाजपा को इस दिलचस्प चुनावी मुकाबले में जीत सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस विधायकों के क्रॉस-वोटिंग के माध्यम से कम से कम 10 अतिरिक्त वोटों की आवश्यकता है.
बुंदेलखंड क्षेत्र के निवारी से आने वाले और केवट समुदाय (ओबीसी का हिस्सा) से संबंध रखने वाले महेश केवट ने Monday को नामांकन पत्र दाखिल किया.
वरिष्ठ भाजपा नेताओं द्वारा सप्ताहांत में गहन विचार-विमर्श और केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी के बाद अंतिम समय में घोषित उनका चयन, सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन लाने के उद्देश्य से किया गया है.
पार्टी रणनीतिकार बुंदेलखंड में उनके मजबूत सामुदायिक प्रभाव और जमीनी स्तर पर उनके जुड़ाव को महत्वपूर्ण संपत्ति मानते हैं.
केवट का Political करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है. शहरी निकाय चुनावों के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों पर उन्हें छह साल के लिए भाजपा से निष्कासित कर दिया गया था. हालांकि, उन्होंने आरएसएस की पृष्ठभूमि का लाभ उठाते हुए पार्टी में वापसी की.
कुछ ही सप्ताह पहले, 24 अप्रैल को राज्य Government ने उन्हें Madhya Pradesh मछुआरा कल्याण और मत्स्य विकास बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया.
राज्य से राज्यसभा के तीन सदस्यों का कार्यकाल 21 जून को समाप्त हो रहा है – दो भाजपा के पास और एक कांग्रेस के पास, जिसका प्रतिनिधित्व पूर्व Chief Minister दिग्विजय सिंह कर रहे हैं, जिन्होंने दोबारा चुनाव न लड़ने का फैसला किया है. कांग्रेस ने इस सीट के लिए मीनाक्षी नटराजन को नामित किया है. भाजपा पहले ही पहली दो सीटों के लिए रजनीश अग्रवाल और तरुण चुघ के नामांकन की घोषणा कर चुकी है.
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एमएस/