
गांधीनगर, 25 जून . राज्यव्यापी ‘कन्या केलवणी महोत्सव और शाला प्रवेशोत्सव 2026’ का समापन तीन दिनों में 16.35 लाख से अधिक छात्रों के नामांकन के साथ हुआ. यह Gujarat में आयोजित अब तक के सबसे बड़े शिक्षा नामांकन अभियानों में से एक है.
23 से 25 जून तक आयोजित इस कार्यक्रम में राज्य भर के 25,625 गांवों और 37,211 स्कूलों को शामिल किया गया.
अंतिम दिन ही 8,287 गांवों और 12,495 स्कूलों में गतिविधियां आयोजित की गईं, जिसमें जन प्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों सहित 27,959 गणमान्य व्यक्तियों ने छात्रों के नामांकन और भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए संस्थानों का दौरा किया.
इस पहल का शुभारंभ Tuesday को Chief Minister भूपेंद्र पटेल ने वड़नगर स्थित बीएन हाई स्कूल से किया. ये वही स्कूल है जहां Prime Minister Narendra Modi ने पढ़ाई की थी.
अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम का 24वां संस्करण Chief Minister और उपChief Minister हर्ष संघवी के मार्गदर्शन और शिक्षा मंत्री डॉ. प्रद्युमन वाजा तथा शिक्षा राज्य मंत्री रिवाबा जडेजा के नेतृत्व में आयोजित किया गया.
कार्यक्रम के समापन दिवस के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अभियान अवधि के दौरान आंगनवाड़ियों और बाल मंदिरों में 62,000 से अधिक बच्चों ने प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करना शुरू किया. बालवाटिका श्रेणी में 1.46 लाख से अधिक नए नामांकन दर्ज किए गए.
विद्यालय स्तर पर, कक्षा 1 में 34,000 से अधिक छात्र, कक्षा 9 में 1.79 लाख से अधिक और कक्षा 11 में 91,613 छात्र नामांकित हैं. इसके अतिरिक्त, ‘बैक टू स्कूल सर्वे’ पहल के तहत 25,070 छात्र शिक्षा में वापस लौटे.
राज्य Government ने कार्यक्रम अवधि के दौरान 999 स्कूलों में परिवहन सुविधा भी शुरू की.
बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत, 3,935 मेधावी छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए समर्थन और प्रोत्साहन देने हेतु ‘विद्यालक्ष्मी बांड’ से सम्मानित किया गया.
इस पहल में जनभागीदारी एक महत्वपूर्ण घटक थी, जिसमें नागरिकों के दान और समर्थन से कुल मिलाकर 10.71 करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्राप्त हुई.
इसमें 1.52 करोड़ रुपए से अधिक का नकद योगदान और स्कूलों को दान की गई 9.18 करोड़ रुपए से अधिक की शैक्षिक सामग्री शामिल थी.
कुल मिलाकर, राज्य भर के दानदाताओं ने तीन दिवसीय अभियान के दौरान नकद और वस्तु के रूप में 28.97 करोड़ रुपए से अधिक का योगदान दिया.
अधिकारियों ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य नामांकन दर को मजबूत करना और Gujarat भर में शिक्षा की सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करना है, जो पूर्ण विद्यालय भागीदारी प्राप्त करने के लिए राज्य के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है.
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एमएस/