
New Delhi, 18 अगस्त . Union Minister एच.डी. कुमारस्वामी द्वारा कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की इटली मूल को लेकर की गई टिप्पणी पर विपक्षी नेताओं ने Tuesday को तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने इस बयान को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया और आरोप लगाया कि भाजपा तथा आरएसएस आज भी फूट डालो और राज करो की राजनीति कर रहे हैं.
दरअसल, यह आलोचना ‘वंदे मातरम’ को लेकर बढ़ते विवाद के बीच आई है, जो अब एक बड़े Political झगड़े में बदल गया है. यह तब हुआ जब कुमारस्वामी ने सोनिया गांधी की भारतीय पहचान पर सवाल उठाए.
Monday को हासन में पत्रकारों से बात करते हुए कुमारस्वामी ने कहा, “क्या सोनिया गांधी हमारे देश की हैं? शादी के बाद वह India आईं. जाहिर है उनकी रगों में इटैलियन खून दौड़ता है.”
से बात करते हुए सीपीआई-एम के महासचिव एम.ए. बेबी ने इन टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि कुमारस्वामी, जो एक Union Minister और जनता दल-सेक्युलर के नेता हैं, उन्हें विपक्ष की एक अहम नेता पर व्यक्तिगत हमला नहीं करना चाहिए था.
उन्होंने कहा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुमारस्वामी ने विपक्ष की अहम नेताओं में से एक पर व्यक्तिगत हमला किया है. जब Government सत्ता में थी, तब वह यूपीए की चेयरपर्सन थीं.”
उन्होंने याद दिलाया कि 2004 में जब कांग्रेस के पास Government बनाने का मौका था, तो सोनिया गांधी Prime Minister बन सकती थीं क्योंकि उस समय वह पार्टी की निर्विवाद नेता थीं, लेकिन उन्होंने Prime Minister पद की शपथ लेने से इनकार कर दिया और मनमोहन सिंह को Prime Minister के तौर पर चुनने के लिए कहा.”
सीपीआई के महासचिव डी. राजा ने कहा कि इस विवाद में दो अलग-अलग मुद्दे, वंदे मातरम और सोनिया गांधी के खिलाफ कुमारस्वामी की टिप्पणियां शामिल हैं.
उन्होंने कहा, “संसद में इस मुद्दे पर बहस हुई थी. कोई आम सहमति नहीं बन पाई, लेकिन बहुमत के साथ, पीएम मोदी के नेतृत्व वाली मौजूदा Government ने इसे पास कर दिया. अब तमिलनाडु समेत कई राज्यों में इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं.”
कुमारस्वामी की टिप्पणियों पर राजा ने कहा, “मैं ऐसे बयान की निंदा करता हूं. आखिरकार, सोनिया इंडियन नेशनल कांग्रेस की नेता हैं. वह सांसद हैं और देश की वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं.”
उन्होंने कहा, “लोग अलग-अलग जातियों और राष्ट्रीयताओं में शादी करते हैं. वे उस देश के माहौल में ढल जाते हैं जहां वे अपने जीवनसाथी के साथ बसते हैं. सोनिया गांधी के मामले में ऐसा मुद्दा क्यों उठाया जा रहा है? ऐसी टिप्पणियां करते समय बहुत गरिमा बनाए रखनी चाहिए. कुमारस्वामी जैसे नेता का इस आधार पर सोनिया गांधी पर हमला करना या उनकी आलोचना करना सही नहीं है. हम इससे सहमत नहीं हैं.”
कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि ये बातें भाजपा और आरएसएस की सोच को दिखाती हैं. उन्होंने कहा, “देखिए, उनकी सोच हमेशा से ऐसी ही रही है. वे इन चीजों से ऊपर नहीं उठ सकते. असल में अंग्रेजों के असली उत्तराधिकारी यही लोग हैं. भाजपा-आरएसएस ‘बांटो और राज करो’ की नीति अपनाते हैं.”
डीएमके के प्रवक्ता टी.के.एस. एलंगोवन ने कहा, “देखिए, वह इटली से हैं. यह बात सभी जानते हैं लेकिन वह भारतीयों के लिए काम कर रही हैं. उन्होंने एक भारतीय नेता से शादी की और उनके बच्चे भी राजनीति में हैं. वे सभी काम कर रहे हैं. वंदे मातरम के मामले में यह तय हुआ था कि पूरा गाना नहीं गाया जाना चाहिए. यह फैसला 1947 में ही हो गया था, इसलिए इसका कुछ हिस्सा ही गाया जाना चाहिए.”
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एससीएच/वीसी