
हैदराबाद, 5 मई . India राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव (केटीआर) ने Tuesday को कांग्रेस Government से ‘गहरी नींद’ से जागने और तेलंगाना में किसानों की उपज की खरीद सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया.
केटीआर ने धान, मक्का, मूंगफली और अन्य फसलों की भारी मात्रा में मंडी में पहुंच जाने के बावजूद राज्य Government की पूर्ण निष्क्रियता की कड़ी आलोचना की. केटीआर ने Tuesday को अविभाजित वारंगल जिले के कई खरीद केंद्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया.
पार्टी के एक बयान के अनुसार, उन्होंने जंगांव निर्वाचन क्षेत्र के यशवंतपुर, परकला निर्वाचन क्षेत्र के गीसुकोंडा मंडल की उक्कल सोसायटी और नरसामपेट मंडी यार्ड का निरीक्षण किया. इस दौरान केटीआर ने किसानों से बातचीत की और उनकी शिकायतों को विस्तार से सुना.
खरीद में देरी को लेकर किसानों ने अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि लगभग एक महीने बीत जाने के बाद भी Government ने कोई स्पष्टता नहीं दी है. 15 दिनों से अधिक समय से खरीद ठप होने के कारण किसानों को भारी नुकसान और कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि मार्कफेड के अधिकारियों और जिला प्रशासन से बार-बार की गई अपीलों को अनसुना कर दिया गया है.
केटीआर ने मार्कफेड के प्रबंध निदेशक श्रीनिवास रेड्डी से बात की और Government के रवैये और एजेंसी की विफलता पर सवाल उठाए. उन्होंने मांग की कि Government स्पष्ट रूप से बताए कि क्या वह फसलों की खरीद करने का इरादा रखती है या किसानों को उनके हाल पर छोड़ देगी.
केटीआर ने कहा कि Government न्यूनतम खरीद स्तर तक भी नहीं पहुंच पाई है. Government का दावा है कि उसने 6 लाख मीट्रिक टन मक्का खरीदा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है, किसान अपनी फसल बेचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
केटीआर ने आरोप लगाया कि Government जानबूझकर खरीद से बच रही है ताकि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,460 रुपए और वादा किया गया बोनस न देना पड़े. Government पर मार्कफेड के नाम पर जुटाए गए लगभग 23,000 करोड़ रुपए को अन्य उद्देश्यों में लगाने का भी आरोप लगाया, जिससे एजेंसी आर्थिक रूप से पंगु हो गई है और खरीद कार्य करने में असमर्थ है.
केटीआर ने कहा, “कांग्रेस Government किसानों को पूरी तरह से विफल कर चुकी है. अगर उसमें थोड़ी भी जिम्मेदारी की भावना है तो उसे तुरंत रायथु बंधु योजना के तहत धनराशि जारी करनी चाहिए और बिना किसी शर्त के सभी फसलों की खरीद सुनिश्चित करनी चाहिए.”
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर Government किसानों की उपेक्षा करती रही तो बीआरएस अपना आंदोलन तेज करेगी और पूरे राज्य में Government का घेराव करेगी.
केटीआर ने यह भी याद दिलाया कि राहुल गांधी ने वारंगल से किसान घोषणापत्र जारी किया था, जिसमें कई वादे किए गए थे, लेकिन इसके कार्यान्वयन में कोई प्रगति नहीं हुई है. उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि बीआरएस उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी और तब तक संघर्ष जारी रखेगी जब तक उत्पादित प्रत्येक अनाज की खरीद नहीं हो जाती और किसानों को न्याय नहीं मिल जाता.
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ओपी/डीकेपी