
हैदराबाद, 18 मार्च. तेलंगाना के Chief Minister ए. रेवंत रेड्डी ने Wednesday को विधानसभा में बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष के नेता के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने बिना सदन में उपस्थित हुए 1.06 करोड़ रुपए से अधिक वेतन और भत्ते प्राप्त किए.
सीएम ने बताया कि India राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष केसीआर ने 1 दिसंबर 2023 से 18 मार्च 2026 तक 1,06,56,674 रुपए वेतन और भत्तों के रूप में लिए, जबकि वे लगातार विधानसभा सत्रों से अनुपस्थित रहे.
Governor के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए Chief Minister ने यह मुद्दा उठाया. उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष गद्दम प्रसाद कुमार से आग्रह किया कि जो विधायक वेतन और भत्ते लेते हुए भी सदन में उपस्थित नहीं होते, उनके खिलाफ कार्रवाई पर विचार किया जाए.
Chief Minister ने Supreme Court की उस टिप्पणी का हवाला दिया, जिसमें जनप्रतिनिधियों को “लोक सेवक” बताया गया है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या लोक सेवक बिना अपने कर्तव्यों का पालन किए वेतन और भत्ते ले सकते हैं.
रेवंत रेड्डी ने कहा कि कम से कम विपक्ष के नेता को सदन में आकर चर्चा में भाग लेना चाहिए, ताकि राज्य को इसका लाभ मिल सके. उन्होंने केसीआर को सदन में आने का निमंत्रण भी दिया.
Chief Minister ने यह भी कहा कि केसीआर नए Governor शिव प्रताप शुक्ला का स्वागत करने के लिए भी सदन में नहीं आए, जो परंपराओं के अनुरूप नहीं है.
उन्होंने कहा कि Government को उम्मीद थी कि विपक्ष के नेता ‘तेलंगाना थल्ली’ प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में भी शामिल होंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
सीएम ने बीआरएस नेताओं पर सत्ता में रहते समय अहंकारी रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि सत्ता से बाहर होने के बाद भी उनका व्यवहार नहीं बदला है. उन्होंने कहा, “कुछ लोग आज भी खुद को राजा समझते हैं और लोकतंत्र का मजाक बना रहे हैं.”
इसके साथ ही Chief Minister ने घोषणा की कि Government बीआरएस शासनकाल और वर्तमान Government के दौरान हुए अतिक्रमण और ध्वस्तीकरण की जांच के लिए एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाने को तैयार है.
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डीएससी