Thursday , 3 December 2020

कपिल देव बोले, हमारे यहां अलग अलग कप्तानों का विचार काम नहीं करेगा

-एक कंपनी में दो सीईओ नहीं होते, तीनों प्रारूपों के लिए विराट का कप्तान रहना ठीक

नई दिल्ली (New Delhi) रोहित शर्मा की अगुआई में मुंबई (Mumbai) इंडियन्स के पांचवां इंडियन प्रीमियर लीग खिताब जीतने के बाद से राष्ट्रीय टीम के अलग अलग कप्तानों को लेकर बहस बढ़ गई है और कई पूर्व खिलाड़ियों ने सुझाव दिया है कि रोहित शर्मा को कम से कम टी20 टीम की कप्तानी सौंपी जाए. विराट कोहली फिलहाल तीनों प्रारूपों में भारतीय टीम की अगुआई करते हैं. कपिल ने आनलाइन आयोजित एचटी लीडरशिप समिट में कहा, क्या एक कंपनी में आप दो सीईओ बनाते हो? नहीं. अगर कोहली टी20 खेल रहा है और वह अच्छा है तो उसे बने रहने दीजिए. हालांकि मैं देखना चाहता हूं कि अन्य खिलाड़ी भी आगे आएं. लेकिन यह मुश्किल है.

उन्होंने कहा, सभी प्रारूपों में हमारी 70 से 80 प्रतिशत टीम समान है. उन्हें अलग अलग विचारों वाले कप्तान पसंद नहीं है. अगर आप दो कप्तान रखोगे तो खिलाड़ी सोच सकते हैं कि वह टेस्ट में मेरा कप्तान होगा. मैं उसे नाराज नहीं करूंगा. तेज गेंदबाजी की कला के बारे में बात करते हुए कपिल ने कहा कि तेज गेंदबाजों के काफी अधिक वैरिएशन का इस्तेमाल करने से वह दुखी हैं. उन्होंने कहा, मैं आजकल के तेज गेंदबाजों से खुश नहीं हूं. पहली गेंद क्रॉस सीम नहीं हो सकती. आईपीएल (Indian Premier League) में खिलाड़ियों ने महसूस किया कि गति से अधिक महत्वपूर्ण स्विंग है. 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गेंदबाजी करने वाले संदीप (शर्मा) का सामना करना मुश्किल था क्योंकि वह गेंद को मूव करा रहा था. कपिल ने कहा, गेंदबाजों को समझना होगा कि गति नहीं स्विंग महत्वपूर्ण है. उन्हें इसे सीखना चाहिए, लेकिन वे इस कला से दूर जा रहे हैं. आईपीएल (Indian Premier League) में टी नटराजन मेरा हीरो है. वह युवा गेंदबाज निडर था और इतनी सारी यॉर्कर डाल रहा था. कपिल ने कहा कि अगर आपको गेंद स्विंग करनी नहीं आती तो फिर वैरिएशन बेकार हैं. कपिल हालांकि भारत के मौजूदा तेज गेंदबाजों से काफी संतुष्ट हैं. उन्होंने कहा, हमारे तेज गेंदबाज शानदार हैं. शमी, बुमराह को देखिए. एक क्रिकेटर के रूप में यह कहते हुए मुझे काफी खुशी होती है कि आज हम अपने तेज गेंदबाजों पर निर्भर हैं. हमारे गेंदबाज मैच में 20 विकेट लेने में सक्षम हैं. हमारे पास कुंबले, हरभजन जैसे स्पिनर थे, लेकिन आज कोई देश यह नहीं कहना चाहेगा कि उन्हें उछाल भरे विकेट दीजिए.