कानपुर लैंबॉर्गिनी एक्सीडेंट: पुलिस की लापरवाही उजागर, कोर्ट ने बिना नोटिस गिरफ्तारी पर कड़ी टिप्पणी की

Kanpur, 12 फरवरी . Kanpur के चर्चित लैंबॉर्गिनी एक्सीडेंट मामले में Police की बड़ी लापरवाही सामने आई है. अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कोर्ट संख्या-7, Kanpur नगर ने आरोपी शिवम कुमार मिश्रा को जमानत देते हुए Police की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी की और Supreme Court के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन होने पर गंभीर नोट लिया.

मामले की जानकारी के अनुसार, शिवम कुमार मिश्रा पर लैंबॉर्गिनी कार से एक्सीडेंट का आरोप है. Police ने उन्हें गिरफ्तार किया था, लेकिन कोर्ट ने पाया कि गिरफ्तारी से पहले बीएनएसएस (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) की धारा 35(3) के तहत नोटिस की उचित तामील नहीं की गई. Supreme Court के प्रसिद्ध अर्नेश कुमार बनाम बिहार राज्य मामले में स्पष्ट निर्देश हैं कि जमानतीय अपराधों (जिनमें 7 साल तक की सजा हो सकती है) में बिना पर्याप्त कारण के सीधे गिरफ्तारी नहीं की जा सकती.

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि नोटिस और गिरफ्तारी दोनों की तारीख 12 फरवरी 2026 ही अंकित है. गिरफ्तारी मेमो में समय सुबह 8.50 बजे दर्ज है, जबकि नोटिस की कोई ठोस प्रक्रिया दिखाई नहीं दी. इससे साफ है कि Police ने नोटिस देने की औपचारिकता पूरी किए बिना ही आरोपी को हिरासत में ले लिया. जांच अधिकारी यह साबित नहीं कर सका कि आरोपी ने नोटिस लेने से इनकार किया या जांच में सहयोग नहीं किया. ऐसे में गिरफ्तारी को न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता.

कोर्ट ने आरोपी शिवम कुमार मिश्रा को 20 हजार रुपए के निजी मुचलके पर जमानत मंजूर की है. जमानत की शर्तें रखी गई हैं कि आरोपी जांच में पूरा सहयोग करेगा और कोर्ट में तय तारीखों पर हाजिर रहेगा.

अदालत ने इस आदेश की प्रति उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (गृह), Police महानिदेशक उत्तर प्रदेश, Police आयुक्त Kanpur नगर और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट Kanpur नगर को भेजने के निर्देश दिए हैं. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि Supreme Court के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन हो और ऐसी लापरवाही दोबारा न हो.

एससीएच

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