कमल हासन की पार्टी ‘मक्कल निधि मय्यम’ तमिलनाडु चुनाव नहीं लड़ेगी

चेन्नई, 24 मार्च . Actor-राजनेता कमल हासन ने Tuesday को कहा कि उनकी पार्टी मक्कल निधि मय्यम (एमएनएम) आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगी और इसके बजाय डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन को बिना शर्त समर्थन देगी. उन्होंने इसके लिए व्यापक Political प्राथमिकताओं और राज्य के हितों का हवाला दिया.

पार्टी सदस्यों और मीडिया को संबोधित करते हुए हासन ने कहा कि यह निर्णय गहन विचार-विमर्श के बाद लिया गया है और यह 2024 के संसदीय चुनावों के दौरान एमएनएम के पहले के रुख की निरंतरता में है, जब पार्टी डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल हुई थी.

उन्होंने कहा कि एमएनएम ने गठबंधन की सफलता के लिए ईमानदारी से काम किया है, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर, राज्यसभा में प्रतिनिधित्व सहित, उसकी आवाज को मजबूत करने में मदद मिली है.

हासन ने कहा कि एमएनएम ने अपनी स्वतंत्र पहचान से समझौता किए बिना गठबंधन के सिद्धांतों का पालन किया है.

हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि आगामी विधानसभा चुनावों के लिए हाल ही में दो चरणों में हुए सीट बंटवारे की बातचीत से एमएनएम को स्वीकार्य परिणाम नहीं मिला.

हासन ने कहा कि Chief Minister एमके स्टालिन, उपChief Minister उदयनिधि स्टालिन और डीएमके वार्ता दल के सदस्यों के साथ हुई बातचीत सौहार्दपूर्ण और सम्मानजनक माहौल में हुई, जिसमें आपसी समझ झलकती थी.

इसके बावजूद, हासन ने कहा कि एमएनएम को दी गई सीटों की संख्या और डीएमके के ‘उगते सूरज’ चिन्ह पर चुनाव लड़ने का सुझाव न तो उन्हें और न ही पार्टी कार्यकर्ताओं को स्वीकार्य था.

पार्टी प्रमुख हासन ने एमएनएम कार्यकर्ताओं के पार्टी के ‘बैटरी टॉर्च’ चिन्ह से भावनात्मक जुड़ाव पर जोर देते हुए कहा कि यह चिन्ह पिछले नौ वर्षों में निर्मित आंदोलन की पहचान का प्रतीक है.

उन्होंने आगे कहा कि यह चिन्ह केवल एक चुनावी चिह्न नहीं है, बल्कि हमारी यात्रा और मूल्यों का प्रतिबिंब है और पार्टी की विशिष्ट Political पहचान को बनाए रखने के महत्व पर बल दिया.

डीएमके की स्थिति को प्रभावित करने वाली Political वास्तविकताओं और चुनावी समीकरणों को स्वीकार करते हुए, हासन ने कहा कि एमएनएम ने चुनावी भागीदारी के बजाय तमिलनाडु के व्यापक हितों को प्राथमिकता दी है.

एमएस/

Leave a Comment