
New Delhi, 7 जुलाई . केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने Tuesday को केरल Government के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन के साथ राज्य में प्रमुख स्वास्थ्य कार्यक्रमों के कार्यान्वयन और प्रगति की समीक्षा के लिए एक वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता की.
बैठक में केरल में प्रमुख योजनाओं के लागू होने और उनकी प्रगति पर चर्चा की गई. इनमें टीबी-मुक्त India अभियान, मुफ्त दवा सेवा पहल, मुफ्त डायग्नोस्टिक सेवा पहल, नेशनल हेल्थ मिशन के तहत स्वास्थ्य के लिए मानव संसाधन, मेडिकल शिक्षा, दवा नियमन और खाद्य सुरक्षा और मानक शामिल थे.
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के बयान के अनुसार, चर्चा में स्वास्थ्य सेवा वितरण को मजबूत करने, अच्छी गुणवत्ता वाली दवाओं और डायग्नोस्टिक्स तक पहुंच बेहतर बनाने और स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर व मानव संसाधनों को बढ़ाने पर जोर दिया गया.
मंत्री ने मेडिकल शिक्षा को बेहतर बनाने, दवाओं और ब्लड बैंकों की निगरानी को मजबूत करने और पूरे केरल में खाद्य सुरक्षा प्रणालियों को मजबूत करने के उपायों पर भी चर्चा की.
बयान में कहा गया, “के. मुरलीधरन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को केरल में विभिन्न प्रमुख स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत हुई प्रगति के बारे में बताया और स्वास्थ्य सेवा वितरण को और मजबूत करने के लिए राज्य Government द्वारा की गई पहलों पर प्रकाश डाला.”
उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को मुख्य चुनौतियों और उन क्षेत्रों के बारे में भी जानकारी दी जहां केंद्र के सहयोग की आवश्यकता है. मुरलीधरन ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को हासिल करने के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ मिलकर काम करने की राज्य Government की प्रतिबद्धता को दोहराया.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने विभिन्न स्वास्थ्य पहलों को लागू करने में राज्य द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की और आगे भी सहयोग का भरोसा दिलाया. उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने और लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य के बीच लगातार सहयोग के महत्व पर जोर दिया.
बयान में कहा गया कि बैठक का समापन केंद्र और राज्य दोनों द्वारा सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने और प्रमुख स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी कार्यान्वयन के माध्यम से सभी नागरिकों के लिए सुलभ, किफायती, समान और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दोहराने के साथ हुआ.
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डीकेएम/वीसी