
इंदौर, 16 जनवरी . Madhya Pradesh के इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद पीड़ितों का हाल जानने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी आ रहे हैं. राहुल गांधी के दौरे से पहले कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने Friday को पूर्व Lok Sabha स्पीकर और भाजपा की वरिष्ठ नेता सुमित्रा महाजन से मुलाकात की.
कांग्रेस की Madhya Pradesh इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी Friday को पूर्व Lok Sabha अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के निवास पर पहुंचे, जहां दोनों नेताओं के बीच इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर भी बातचीत की.
कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने भाजपा नेता से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि सुमित्रा महाजन से बात होती रहती है. आज हमने इंदौर शहर की स्थिति पर चर्चा की. आज एनजीटी ने कहा कि Madhya Pradesh में 70 प्रतिशत पानी दूषित है और पीने योग्य नहीं है, इस पर चर्चा हुई. Madhya Pradesh और इंदौर के लोगों को साफ पानी मिले, इसके लिए राजनीति से ऊपर उठकर चर्चा होनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि इंदौर में दूषित पानी पीने से अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है, हर रोज एक व्यक्ति की दूषित पानी से मौत हो रही है. वहीं कई लोग अब भी अस्पताल में इलाज चल रहा है. इस स्थिति में वर्तमान में Government के मंत्री अपशब्द बोलते है और कहते है कि सवाल क्यों उठाए जा रहे है. कांग्रेस Political दल होने के नाते अपनी सकारात्मक भूमिका निभा रहा है. शुद्ध पानी मिले इसकी हम लड़ाई लड़ेंगे. पानी का सोशल आडिट होना चाहिए. आमजन को शुद्ध पानी मिले इसकी कांग्रेस लड़ाई लड़ेगी. गंदा पानी पीने से बीमारियां हो रही है, यह साइलेंट जहर है.
Lok Sabha में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के प्रवास को लेकर उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उन्हें बुद्धिजीवी और समाज के विभिन्न वर्गों के जागरूक लोगों के साथ बैठक करने की अनुमति नहीं दी है. इसमें पार्षदों को भी बुलाया था. एक सार्थक पहल कर रहे थे. राहुल गांधी पीड़ितों से मिलेंगे, अस्पताल भी जाएंगे. राहुल गांधी 17 जनवरी को सुबह सवा 11 बजे इंदौर पहुंचेंगे और दोपहर दो बजे तक रहेंगे. इस दौरान उनका भागीरथपुरा के पीड़ितों से मुलाकात, मृतकों के परिजनों से चर्चा और अस्पताल में पीड़ितों से भी मुलाकात प्रस्तावित है.
दरअसल, बीते दिनों भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं कई लोग अब भी उपचाररत हैं. कांग्रेस का आरोप है कि जल आपूर्ति के लिए हुए काम में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ और राज्य के बड़े हिस्से में भी लोगों को शुद्ध जल नहीं मिल पा रहा है. दूसरी ओर राज्य Government ने दूषित पानी की आपूर्ति के मामले में कार्रवाई भी की. जिसमें कई अफसरों को निलंबित किया गया है, तो वहीं तबादले भी हुए है. फिलहाल मामले की जांच भी जारी है.
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एसएनपी/एसके