
New Delhi, 30 जुलाई . Supreme Court ने दिल्ली में संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन के इस्तेमाल के खिलाफ याचिका पर सुनवाई की है. कोर्ट ने Thursday को इस मामले में केंद्र Government को नोटिस जारी किया और पैलेट गन से घायल हुए लोगों का इलाज कराने का निर्देश दिया.
Supreme Court ने केंद्र Government को आदेश दिया है कि जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान तैनात आरएएफ (रैपिड एक्शन फोर्स) की ओर से इस्तेमाल किए गए हथियारों और गोलियों का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाए. साथ ही, कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि पैलेट से घायल हुए पीड़ितों को पूरा मेडिकल इलाज दिया जाए.
Thursday को सुनवाई के दौरान Supreme Court ने केंद्र Government से पूछा है कि पैलेट गन के इस्तेमाल की एसओपी क्या है. कोर्ट ने Government को नोटिस जारी करते हुए इस पर जवाब मांगा.
इसके साथ ही, Supreme Court ने याचिकाकर्ता को पैलेट गन पर बैन लगाने की मांग में संशोधन करने का निर्देश दिया. याचिका में पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की गई है.
मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच Thursday को रिटायर्ड इंटेलिजेंस ब्यूरो के स्पेशल डायरेक्टर यशोवर्धन आजाद और दो अन्य लोगों (प्रशांत कुमार सिंह और शेख इरशाद मंसूरी) की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी.
याचिका में 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुई Police कार्रवाई के दौरान पैलेट से घायल हुए सभी पीड़ितों को मुआवजा दिए जाने और साथ ही पीड़ितों का इलाज कराए जाने की मांग की गई है. याचिका में कहा गया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पैलेट गन का इस्तेमाल अपने आप में अनुचित है, क्योंकि यह गैर संवैधानिक होने के साथ ही तर्क की कसौटी पर खरा नहीं उतरता.
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डीसीएच/