
श्रीनगर, 13 अगस्त . जम्मू-कश्मीर के Police महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात ने Thursday को Police और केंद्रीय सशस्त्र Police बलों (सीएपीएफ) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ऑपरेशन की समीक्षा के लिए एक हाइब्रिड बैठक की अध्यक्षता की.
अधिकारियों ने बताया कि डीजीपी नलिन प्रभात ने बैठक की अध्यक्षता की. इस बैठक का मकसद केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा हालात, कानून-व्यवस्था की स्थिति और ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा करना था.
जम्मू-कश्मीर Police के अलग-अलग रेंज, जिलों और विंग्स के सीनियर अधिकारी इस समीक्षा बैठक में वर्चुअली और व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए, साथ ही सीएपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी भी इसमें शामिल हुए.
बैठक में घुसपैठ रोकने के उपायों, इलाके पर नियंत्रण, खुफिया जानकारी साझा करने और आने वाले कार्यक्रमों से पहले शांति और जन-सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा हुई.
डीजीपी ने हाई अलर्ट बनाए रखने, जम्मू-कश्मीर Police और सीएपीएफ के बीच बेहतर तालमेल और शांति भंग करने की किसी भी कोशिश को नाकाम करने के लिए सक्रिय Policeिंग पर जोर दिया.
हाइब्रिड ऑपरेशनल मीटिंग एक रेगुलर सिक्योरिटी सिंक-अप होती है, जिसमें टीम के कुछ सदस्य एक फिजिकल ऑफिस रूम में एक साथ बैठते हैं, जबकि बाकी सदस्य ऑनलाइन वीडियो टूल के जरिए जुड़ते हैं. इसमें रोजमर्रा के काम-काज, ऑपरेशनल अपडेट और टीम के कामों पर ध्यान दिया जाता है.
सूत्रों ने बताया कि चर्चा घुसपैठ रोकने के उपायों, इलाके पर नियंत्रण, खुफिया जानकारी साझा करने और आने वाले कार्यक्रमों से पहले शांति और जन-सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों पर केंद्रित थी. इस बैठक से जम्मू-कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे सुरक्षा उपायों और ऑपरेशनल जरूरतों का आकलन करने का मौका भी मिला.
31 जुलाई को अनंतनाग शहर में यात्रा ड्यूटी पर तैनात Police हेड कॉन्स्टेबल आशिक कुरैशी की आतंकवादियों द्वारा दिनदहाड़े हत्या के बाद पूरे केंद्रशासित प्रदेश में हाई सिक्योरिटी अलर्ट है. इस आतंकी घटना के बाद आतंकवादियों ने कुलगाम जिले के केलम गांव में दो बाहरी मजदूरों की हत्या कर दी. ईंट भट्ठे पर काम करने वाले इन दो बाहरी मजदूरों को बहुत करीब से गोली मारी गई थी. उनकी पहचान दीपक और भूपिंदर के तौर पर हुई, जो दोनों 20-25 साल के थे और छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे.
देश के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है ताकि सभी परेड, झंडा फहराने के कार्यक्रम और सांस्कृतिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हों. सुरक्षा को लेकर चिंता इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि 15 अगस्त को आधिकारिक समारोहों में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है. मुख्य परेड और झंडा फहराने का कार्यक्रम श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में होगा. Chief Minister उमर अब्दुल्ला मुख्य समारोह की अध्यक्षता करेंगे.
इस बीच, दिन में बख्शी स्टेडियम में फुल-ड्रेस रिहर्सल हुई, जिसमें कश्मीर डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग ने सलामी ली.
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एससीएच/पीएम