
श्रीनगर, 5 अगस्त . जम्मू-कश्मीर Police ने Wednesday को अनंतनाग कस्बे में 22 जुलाई को एक Policeकर्मी की हत्या में शामिल लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) आतंकवादी की गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने वाले को 15 लाख रुपए के इनाम की घोषणा की.
Police ने घाटी के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर लगाए हैं, जिनमें एलईटी आतंकवादी मोहम्मद लतीफ भट की गिरफ्तारी में सहायक सूचना मांगी गई है. Police का कहना है कि मोहम्मद लतीफ भट 22 जुलाई को अनंतनाग बाजार में यात्रा ड्यूटी पर तैनात हेड constable आशिक हुसैन कुरैशी की हत्या में शामिल है.
पोस्टर में आतंकवादी की वह तस्वीर है जो इलाके के cctv फुटेज से ली गई है, जिसमें वह Policeकर्मी की हत्या के बाद भाग रहा था.
1989 में आतंकवादी हिंसा के भड़कने के बाद से अब तक 1,614 जम्मू-कश्मीर Police कर्मियों ने आतंकवाद से लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दी है.
इस संख्या में नियमित अधिकारी, निचले रैंक के constable और सैकड़ों विशेष Police अधिकारी (एसपीओ) शामिल हैं.
शहीद Policeकर्मियों में निचले रैंक के constable और चयन श्रेणी के constable से लेकर इंस्पेक्टर, डिप्टी एसपी, अधीक्षक और डीआईजी स्तर के अधिकारी शामिल हैं.
लगभग 515 एसपीओ ने आतंकवाद से लड़ते हुए राष्ट्र की सेवा में अपने प्राणों की आहुति दी है.
आतंकवादियों ने 31 जुलाई को कुलगाम जिले के केल्लम गांव में दो गैर-स्थानीय ईंट भट्ठे के मजदूरों की भी हत्या कर दी.
छत्तीसगढ़ के मूल निवासी दीपक और बोपिंदर के हत्यारों की तलाश जारी है.
दीपक की मौत उसी दिन अनंतनाग के Governmentी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हो गई, जिस दिन आतंकवादियों ने उसे गोली मारी थी. बोपिंदर को गंभीर हालत में श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर आयुर्वेद संस्थान (एसकेआईएमएस) में भर्ती कराया गया था.
डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद, बोपिंदर का 1 अगस्त को एसकेआईएमएस श्रीनगर में निधन हो गया.
गैर-स्थानीय लोगों की हत्याओं की धार्मिक, Political और सामाजिक सभी समूहों ने कड़ी निंदा की.
जम्मू-कश्मीर के Chief Minister उमर अब्दुल्ला ने आतंकवादियों द्वारा मारे गए दोनों गैर-स्थानीय लोगों के परिजनों को 15-15 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की मंजूरी दी.
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एमएस/