
New Delhi, 13 जुलाई . केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने Monday को एक राष्ट्रीय सम्मेलन में जल संरक्षण और सिंचाई में जल उपयोग दक्षता बढ़ाने के माध्यम से देश की जल सुरक्षा को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की.
सुषमा स्वराज भवन के चाणक्य हॉल में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जल संसाधन विभागों के वरिष्ठतम सचिवों के अखिल भारतीय सम्मेलन में अधिकारियों से बातचीत करते हुए पाटिल ने जनभागीदारी के माध्यम से Prime Minister Narendra Modi के ‘कैच द रेन’ संकल्प को आगे बढ़ाने के उपायों की भी समीक्षा की.
अपने संदेश में पाटिल ने कहा कि जल संरक्षण, सिंचाई में जल उपयोग दक्षता बढ़ाने, बांध सुरक्षा, जल प्रशासन में सुधार, आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से देश की जल सुरक्षा को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया.
पाटिल ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि इस सम्मेलन में हुई चर्चा और उससे संबंधित सुझाव देश के जल क्षेत्र में सुधारों को नई गति प्रदान करेंगे और जल संसाधनों के अधिक प्रभावी और वैज्ञानिक प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
उन्होंने आगे कहा कि Prime Minister Narendra Modi की ‘कैच द रेन’ पहल के अनुरूप, नवसारी में जल संग्रहण जनभागीदारी अभियान के तहत वर्षा जल के संरक्षण और रिचार्ज बोरवेल के माध्यम से इसे भूजल में पहुंचाने के लिए एक अभिनव प्रयास चल रहा है.
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और जनता के सहयोग से निर्मित ये संरचनाएं वर्षा जल को बर्बाद होने से रोक रही हैं और भूजल स्तर को लगातार बढ़ा रही हैं.
पाटिल ने कहा कि यह अभियान इस बात का सशक्त प्रमाण है कि जब प्रशासन और समाज मिलकर काम करते हैं, तो पानी की हर बूंद भविष्य के लिए एक अनमोल धरोहर बन जाती है.
यह सम्मेलन जल शक्ति मंत्रालय के सतत प्रयासों का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य नीतिगत समन्वय में सुधार, संस्थागत सुदृढ़ीकरण, परियोजनाओं के कुशल कार्यान्वयन, बांधों की सुरक्षा में वृद्धि और जल संरक्षण में समुदाय की अधिक भागीदारी के माध्यम से सतत जल संसाधन प्रबंधन को बढ़ावा देना है.
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एमएस/