जयराम ठाकुर का आरोप: सुक्खू सरकार ने मेडिकल डिवाइस पार्क जैसे मेगा प्रोजेक्ट बर्बाद किए

शिमला, 15 फरवरी . Himachal Pradesh विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व Chief Minister जयराम ठाकुर ने सुक्खविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली राज्य Government पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जिद, भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के कारण केंद्र की मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं बर्बाद हो गईं, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हुआ.

उन्होंने कहा कि अगर नालागढ़ मेडिकल डिवाइस पार्क परियोजना समय पर पूरी हो जाती, तो यह Himachal Pradesh के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होती. लेकिन Political दुर्भावना के चलते सुक्खू Government ने राज्यहितों की बलि चढ़ा दी.

ठाकुर ने बताया कि नालागढ़ के अलावा उत्तर प्रदेश, Madhya Pradesh और तमिलनाडु में भी ऐसे पार्कों पर तेजी से काम चल रहा है. उन्होंने कहा कि यमुना एक्सप्रेसवे (उत्तर प्रदेश) पर कंपनियों को प्लॉट आवंटित किए जा चुके हैं, जबकि उज्जैन (Madhya Pradesh) और कांचीपुरम (तमिलनाडु) में उन्नत तकनीक वाली कंपनियां निवेश कर रही हैं. इन परियोजनाओं के जरिए वेंटिलेटर और पेसमेकर जैसे उपकरण बनाने वाली कंपनियों को बढ़ावा देकर देश को चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा Government के कार्यकाल में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद हासिल की गई यह परियोजना अब राज्य Government की हठधर्मिता के कारण अधर में लटकी हुई है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र Government ने इस परियोजना के लिए 30 करोड़ रुपये की पहली किस्त भी जारी की थी, जिसे राज्य Government ने लौटा दिया.

जयराम ठाकुर ने कहा कि मार्च 2025 तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य था, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि लगभग 10,000 करोड़ रुपये के संभावित निवेश और 15,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर अनिश्चितता में फंसे हुए हैं.

नेता प्रतिपक्ष ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि 400 करोड़ रुपये की बकाया देनदारियों के कारण राज्य की ‘हिमकेयर’ योजना प्रभावित हो गई है. इसके अलावा आयुष्मान India योजना के तहत 250 करोड़ रुपये और सहारा योजना के तहत 120 करोड़ रुपये बकाया हैं.

उनके अनुसार भुगतान न होने के कारण आपूर्तिकर्ताओं ने सर्जिकल सामान और दवाइयों की आपूर्ति बंद कर दी है, जिससे गरीब मरीजों के ऑपरेशन टल रहे हैं. कैंसर जैसे गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को हजारों रुपये की दवाइयां और इंजेक्शन बाहर से खरीदने पड़ रहे हैं.

ठाकुर ने आरोप लगाया कि एक ओर Government भुगतान करने में असमर्थ है, वहीं दूसरी ओर इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज जैसे बड़े अस्पताल विशेष वार्ड, एमआरआई और पेट संबंधी जांचों की फीस बढ़ाकर जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं.

डीएससी

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