
तिरुवनंतपुरम, 1 मई . केरल विधानसभा चुनाव नतीजों से पहले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) ने एग्जिट पोल के अनुमानों को खारिज कर दिया है, लेकिन Chief Minister पिनराई विजयन की लोकप्रियता को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताकर नई रणनीति अपनाई है.
सीपीएम नीत एलडीएफ का कहना है कि कई सर्वेक्षणों में पिनराई विजयन को Chief Minister पद के लिए सबसे पसंदीदा चेहरा बताया गया है, जो जनता के बीच उनकी स्वीकार्यता और Government के कामकाज पर भरोसे को दर्शाता है.
सीपीएम महासचिव एम. ए. बेबी ने कहा कि राज्य में सत्ता विरोधी लहर जैसी कोई स्थिति नहीं है. उनके मुताबिक, Chief Minister के खिलाफ लगाए गए आरोप भी मतदाताओं को प्रभावित नहीं कर सके.
चुनाव बाद एलडीएफ नेताओं का कहना है कि एग्जिट पोल में दिखाए गए करीबी मुकाबले का मतलब हार नहीं, बल्कि कांटे की टक्कर है और अंतिम नतीजों में एलडीएफ फिर सत्ता में लौट सकता है.
वाम दलों का तर्क है कि पिनराई विजयन की व्यक्तिगत लोकप्रियता, स्थिर नेतृत्व और Government की योजनाओं का लाभ अंततः वोटों में तब्दील होगा.
हालांकि, Political विश्लेषकों का कहना है कि एलडीएफ एक ओर एग्जिट पोल को गलत बता रहा है, जबकि दूसरी ओर उन्हीं सर्वेक्षणों में विजयन की लोकप्रियता वाले हिस्से को सही मान रहा है. इसे विरोधाभासी रुख माना जा रहा है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि Chief Minister की लोकप्रियता बताने वाले आंकड़ों को विश्वसनीय माना जा रहा है, तो सीटों के अनुमान को पूरी तरह नकारना आसान नहीं है.
फिर भी एलडीएफ का कहना है कि नेता की पसंद और वास्तविक मतदान पैटर्न हमेशा एक जैसे नहीं होते, इसलिए मतगणना के दिन तस्वीर बदल सकती है.
गौरतलब है कि Monday सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी. शुरुआती दो घंटों में यह साफ हो जाएगा कि अगले पांच वर्षों के लिए केरल सचिवालय की चाबी किसके हाथ में जाएगी. अधिकांश एग्जिट पोल कांग्रेस नीत यूडीएफ की वापसी का संकेत दे रहे हैं, जबकि एलडीएफ को उम्मीद है कि अंतिम फैसला उसके पक्ष में जाएगा.
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डीएससी