जबलपुर क्रूज हादसा: पीएम मोदी ने जताया दुख, पीड़ितों के लिए की अनुग्रह राशि की घोषणा

जबलपुर, 1 मई . Madhya Pradesh के जबलपुर जिले में बरगी बांध पर हुई दुखद क्रूज दुर्घटना पर Prime Minister Narendra Modi ने Friday को शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक मदद की भी घोषणा की. इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है और अभी कम से कम चार यात्री लापता हैं.

Prime Minister कार्यालय की ओर से social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया गया कि पीएम मोदी ने जान-माल के नुकसान को ‘बेहद दुखद’ बताया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की. उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की.

पीएम ने ‘एक्स’ पर लिखा कि Madhya Pradesh के जबलपुर में क्रूज पलटने से हुई जान-माल की हानि बेहद दुखद है. इस दुखद दुर्घटना में जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं. मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं. स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है.

Prime Minister ने पीड़ितों के लिए आर्थिक सहायता की भी घोषणा की. उन्होंने आगे लिखा कि Prime Minister राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजन को दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे.

वहीं, छत्तीसगढ़ के Chief Minister विष्णुदेव साय ने social media पोस्ट में लिखा कि Madhya Pradesh के जबलपुर में हुए क्रूज हादसे का समाचार अत्यंत दुखद एवं पीड़ादायक है. इस हादसे में जान गंवाने वाले सभी दिवंगतों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवारों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें.

बता दें कि लापता यात्रियों का पता लगाने के भारतीय सेना ने भी मोर्चा संभाल लिया है. नागरिक अधिकारियों और आपदा राहत टीमों के साथ मिलकर सेना ने अभियान शुरू किया. सेना की ओर से बताया गया कि जिला प्रशासन से अनुरोध मिलने के बाद उसके ‘मध्य India क्षेत्र’ ने तुरंत मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) अभियान शुरू कर दिए.

शत्रुजीत ब्रिगेड के प्रशिक्षित गोताखोरों सहित एक जूनियर कमीशंड अधिकारी और 13 सैनिकों को हवाई मार्ग से जबलपुर ले जाया गया और दुर्घटना स्थल पर तैनात किया गया.

Friday को अपने आधिकारिक बयान में सेना ने कहा कि नागरिक प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों के साथ घनिष्ठ समन्वय में तलाशी और बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं. पानी के नीचे की बेहद कठिन परिस्थितियों के बावजूद, हमारे जवान लापता यात्रियों का पता लगाने और बचाव कार्यों में सहायता के लिए 24 घंटे काम कर रहे हैं.

एसडी/एएस

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