इलाहाबाद हाई कोर्ट से राहुल गांधी को बड़ी राहत, एफआईआर की मांग वाली याचिका खारिज

प्रयागराज, 1 मई . इलाहाबाद हाईकोर्ट ने Friday को Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को राहत देते हुए उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उनके ‘इंडियन स्टेट से लड़ाई’ संबंधी बयान पर First Information Report दर्ज कराने की मांग की गई थी.

न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान की एकल पीठ ने हिंदू शक्ति दल की सिमरन गुप्ता द्वारा दाखिल याचिका को खारिज कर दिया. याचिका में कहा गया था कि राहुल गांधी का बयान देशभर की जनभावनाओं को आहत करने वाला है और यह राष्ट्रविरोधी तथा देशद्रोह जैसी टिप्पणी है.

मामला राहुल गांधी के उस बयान से जुड़ा है, जो उन्होंने पिछले साल जनवरी में New Delhi स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के नए मुख्यालय के उद्घाटन के दौरान दिया था. राहुल गांधी ने कहा था, “हम अब भाजपा, आरएसएस और भारतीय राज्य से भी लड़ रहे हैं.”

याचिकाकर्ता का आरोप था कि यह सिर्फ Political आलोचना नहीं, बल्कि देश को अस्थिर करने और भारतीय राज्य को विरोधी ताकत के रूप में पेश करने की कोशिश है.

इससे पहले संभल की स्थानीय अदालत ने राहुल गांधी के खिलाफ First Information Report दर्ज कराने की मांग वाली अर्जी खारिज कर दी थी. इसके बाद दाखिल पुनरीक्षण याचिका भी खारिज हो गई थी, जिसके बाद मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचा.

राहुल गांधी ने अपने भाषण में भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर देश की संस्थाओं पर कब्जा करने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि कांग्रेस संविधान और India की मूल भावना की रक्षा की लड़ाई लड़ रही है.

राहुल गांधी के इस बयान पर उस समय Political विवाद खड़ा हो गया था. भाजपा नेताओं ने उन पर India की संप्रभुता और संवैधानिक ढांचे को कमजोर करने का आरोप लगाया था.

पूर्व भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने कहा था कि राहुल गांधी का बयान कांग्रेस की असली सोच को उजागर करता है और यह राष्ट्र के खिलाफ वैचारिक लड़ाई को दर्शाता है.

इससे पहले असम के गुवाहाटी के पान बाजार थाने में भी राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 और 197(1)(डी) के तहत मामला दर्ज किया गया था. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनके बयान से राज्य के खिलाफ असंतोष भड़काने और राष्ट्रीय एकता को खतरा पैदा करने की कोशिश की गई.

डीएससी

Leave a Comment