राम मंदिर दान पात्र मामले की जांच तेज, अयोध्या पहुंची एसआटी की टीम, पक्ष-विपक्ष और संत समाज ने दी प्रतिक्रिया

New Delhi, 16 जून . अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान राशि से जुड़ी कथित अनियमितताओं और धन चोरी के आरोपों की जांच अब तेज हो गई है. मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी अयोध्या पहुंची. इस दौरान अयोध्या के वरिष्ठ Police अधीक्षक और जिला मजिस्ट्रेट ने भी महत्वपूर्ण बैठक कर जांच की दिशा और आगे की कार्रवाई पर चर्चा की.

संत महाराज भक्तचरण दास ने से कहा कि अयोध्या श्रीराम मंदिर में दान और चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मामला फिलहाल जांच के दायरे में है. Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है. यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है या धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो Chief Minister योगी आदित्यनाथ किसी को भी नहीं बख्शेंगे.

ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि उन्हें भी अयोध्या में भगवान श्रीराम को चढ़ाए गए चढ़ावे से जुड़ी जानकारियां मिली हैं. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में एक ईमानदार और सतर्क Government काम कर रही है. Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने तुरंत एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं और जल्द ही सच्चाई सामने आ जाएगी. उन्होंने कहा कि श्रीराम मंदिर आस्था का विषय है, अफवाहों का नहीं. अयोध्या सनातन चेतना, सांस्कृतिक विरासत और करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं का केंद्र है.

दूसरी ओर, Lucknow में मंत्री नरेंद्र कुमार कश्यप ने कहा कि Government अपना काम कर रही है और अयोध्या मामले में भी जांच समिति कर रही है. Chief Minister योगी आदित्यनाथ हर समस्या का समाधान निकालने में सक्षम हैं.

उधर कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने एसआईटी गठन पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि योगी Government अब तक 89 से अधिक एसआईटी गठित कर चुकी है, लेकिन उनमें से कितने मामलों में दोषियों को सजा मिली, यह भी देखा जाना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार एसआईटी का इस्तेमाल सत्ता से जुड़े लोगों को बचाने के लिए किया जाता है और भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को संरक्षण दिया जाता है.

वीकेयू/एएस

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