
उलानबातर, 22 जून . मंगोलिया की यात्रा के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि India और मंगोलिया रणनीतिक साझेदार हैं और दोनों देशों के बीच आध्यात्मिक रिश्ता भी है.
मंगोलिया की विदेश मंत्री बात्सेत्सेग बटमुंख के साथ मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जयशंकर ने कहा, “India और मंगोलिया रणनीतिक साझेदार हैं, साथ ही हम आध्यात्मिक भाई-बहन भी हैं. हमारे रिश्ते गहरी सभ्यतागत और आध्यात्मिक जुड़ाव, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, विकास की इच्छाओं और लोगों के बीच मजबूत संबंधों पर आधारित हैं.”
पिछले साल India और मंगोलिया ने अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना के 70 साल पूरे होने का जश्न मनाया था.
विदेश मंत्री ने बताया कि उनकी यात्रा का एक मुख्य उद्देश्य Prime Minister Narendra Modi और मंगोलिया के President उखना खुरेलसुख के बीच पिछले साल India यात्रा के दौरान हुई बातचीत के फैसलों और प्रगति की समीक्षा करना था.
जयशंकर ने कहा, “हमने अपने द्विपक्षीय सहयोग के हर पहलू पर चर्चा की, जिसमें विकास से जुड़ी साझेदारी भी शामिल है. इसमें तेल रिफाइनरी परियोजना सबसे महत्वपूर्ण है.”
मंगोलिया के डोर्नोगोवी प्रांत के अल्तानशिरी में एक तेल रिफाइनरी परियोजना बनाई जा रही है. इसके लिए India Government ने 1.7 अरब अमेरिकी डॉलर की सॉफ्ट लाइन ऑफ क्रेडिट (एलओसी) दी है. यह परियोजना India Government की दुनिया भर में सबसे बड़ी सॉफ्ट लाइन ऑफ क्रेडिट पहल है.
विदेश मंत्री ने मंगोलिया की संसद के स्पीकर डैशजेगवे अमरबायसगालन से भी मुलाकात की.
जयशंकर ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “भारत-मंगोलिया के बीच संसदीय संबंधों और दोस्ती को मजबूत करने के लिए उनके समर्थन का स्वागत करता हूं. लोगों पर केंद्रित विकास साझेदारी को और गहरा करने के लिए अपना समर्थन दोहराया.”
उन्होंने मंगोलिया के शिक्षा मंत्री एल. एंख-अमगलान और पूर्व President नामबारिन एंखबयार से भी मुलाकात की.
उन्होंने कहा कि वे भारत-मंगोलिया की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में उनके समर्थन को महत्व देते हैं.
जयशंकर ने मंगोलिया के President उखना खुरेलसुख से भी मुलाकात की और उन्हें President द्रौपदी मुर्मू और Prime Minister Narendra Modi की शुभकामनाएं दीं.
उन्होंने कहा, “हमारे मजबूत सहयोग को कई क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के लिए उनके मार्गदर्शन को महत्व देता हूं. मैं इस बात से पूरी तरह सहमत हूं कि सबसे बड़ी दोस्ती आध्यात्मिक दोस्ती होती है.”
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एवाई/डीकेपी