
New Delhi, 7 अगस्त . दिल्ली हाईकोर्ट ने Friday को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के उस प्रतिबंध आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें डाबर इंडिया लिमिटेड को कथित रूप से भ्रामक “100 प्रतिशत” दावे वाले कुछ खाद्य उत्पादों की बिक्री रोकने का निर्देश दिया गया था.
एकल न्यायाधीश पीठ के न्यायमूर्ति अमित महाजन ने यह आदेश देते हुए कहा कि डाबर को सुनवाई का अवसर दिए बिना इस तरह का प्रतिबंध आदेश पारित नहीं किया जाना चाहिए था.
अदालत ने कहा, “याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता की दलीलों को देखते हुए, इस अदालत की प्रथम दृष्टया राय है कि इस तरह का प्रतिबंध आदेश सुनवाई का अवसर दिए बिना पारित नहीं किया जाना चाहिए था. अगली सुनवाई की तारीख तक विवादित आदेश पर रोक लगाई जाती है.”
न्यायमूर्ति महाजन ने डाबर इंडिया की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए केंद्र Government और एफएसएसएआई से जवाब मांगा और अंतरिम आदेश पारित किया.
इस मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी.
डाबर ने एफएसएसएआई के प्रतिबंध आदेश को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था. नियामक ने कंपनी को कुछ चिन्हित खाद्य उत्पादों की बिक्री तत्काल रोकने का निर्देश दिया था, जिन पर “100 प्रतिशत प्राकृतिक”, “100 प्रतिशत शुद्ध”, “100 प्रतिशत शुद्धता की गारंटी”, “100 प्रतिशत ऑर्गेनिक” और “100 प्रतिशत टेंडर नारियल पानी” जैसे दावे किए गए थे.
मामले को शुरुआत में तत्काल सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ के समक्ष रखा गया था. पीठ ने मामले को तत्काल आधार पर सुनवाई के लिए अनुमति दी थी.
Friday की सुनवाई के दौरान डाबर की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलील दी कि कंपनी दशकों से इन उत्पादों की बिक्री कर रही है. उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी ने आदेश पारित किया, उसके पास इस तरह से इन उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने का अधिकार नहीं था.
यह भी दलील दी गई कि आदेश प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किए बिना और कंपनी को कोई कारण बताओ नोटिस जारी किए बिना पारित किया गया.
एफएसएसएआई की ओर से पेश केंद्र Government के स्थायी अधिवक्ता आशीष दीक्षित ने नियामक की कार्रवाई का बचाव किया. उन्होंने कहा कि प्रतिबंध आदेश जारी करने से पहले डाबर को सुधार संबंधी नोटिस दिया गया था.
दलीलों पर विचार करने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने माना कि प्रथम दृष्टया मामला डाबर के पक्ष में बनता है और अगली सुनवाई की तारीख तक प्रतिबंध आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी.
एफएसएसएआई ने इससे पहले कहा था कि डाबर के कुछ उत्पादों पर इस्तेमाल किए गए “100 प्रतिशत” दावे अस्पष्ट, सत्यापित न किए जा सकने वाले और उपभोक्ताओं को गुमराह करने की संभावना वाले थे. नियामक के अनुसार, यह खाद्य सुरक्षा एवं मानक विज्ञापन तथा दावे विनियम, 2018 का उल्लंघन है.
नियामक ने डाबर हिमालयन ऑर्गेनिक एप्पल साइडर विनेगर और डाबर ऑर्गेनिक हनी पर जैविक India लोगो के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई थी. खाद्य नियामक ने आरोप लगाया था कि इन उत्पादों के पास वैध एफएसएसएआई ऑर्गेनिक अनुमोदन नहीं था, जो खाद्य सुरक्षा एवं मानक जैविक खाद्य विनियम, 2017 का उल्लंघन है.
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एबीएस